रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 21 फरवरी को शादी के दूसरे ही दिन दूल्हा असलम अहमद और दुल्हन कहकंशा की रहस्यमय ढंग से हत्या हो गई। दोनों को शरीर पर चाकू के 72 जख्म हैं। इसमें कई ऐसे सवाल हैं, जिसका जवाब पुलिस नहीं दे पा रही है। अभी तक एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई है। इससे नाराज दुल्हन के परिजनों ने शुक्रवार को टिकरापारा थाने का घेराव किया। थाने के सामने प्रदर्शन करते हुए दूल्हे के रिश्तेदारों के नार्को टेस्ट कराने की मांग की। साथ ही उसके जबलपुर के रिश्तेदारों से भी पूछताछ करने की मांग की है। प्रदर्शनकारी काफी देर तक डटे रहे। पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ।
उल्लेखनीय है कि असलम और कहकंशा की 19 फरवरी को अरेंज मैरिज हुई थी। हालांकि शादी से पहले दोनों एक-दूसरे को जानते थे। दोनों की जिद के कारण ही परिवार वालों ने दोनों की शादी कर दी थी। शादी के तीसरे दिन अर्थात 21 फरवरी को रिसेप्शन रखा गया था। उसी शाम पार्टी के लिए दोनों तैयार हो रहे थे। उसी दौरान दोनों की हत्या हो गई।
इसलिए उठ रहे सवाल
पुलिस के मुताबिक असलम के शरीर में चाकू से 32 और कहकंशा के शरीर में 40 वार हुए हैं। इतने वार होने के बावजूद लड़के बनियान में चोट के निशान स्पष्ट नहीं हैं। दूसरी ओर जख्म से खून का रिसाव भी उतना नहीं हुआ। इसके अलावा घटना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि कमरे से केवल एक बार चीख की आवाज आई। जहां इतने वार हुए, वहां केवल एक चीख कैसे हो सकती है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही खिड़की टूटी मिली थी।
पुलिस का दावा
असलम ने चाकू मारकर कहकंशा की हत्या की। इसके बाद खुद को चाकू मारकर खुदकुशी कर ली। पुलिस की यह कहानी कहकंशा के परिजनों को हजम नहीं हो रही है। उनका कहना है कि लड़का अपने शरीर में इतने वार कैसे कर सकता है? डॉक्टरों का भी अनऑफिशियली मानना है कि असलम अपने शरीर में इतने चोट कैसे पहुंचा ही नहीं सकता। दूसरी ओर घटना के समय घर में केवल 4 लोगों का होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन सवाल उठता है कि जिस घर में शादी हो रही हो, वहां घर में केवल चार ही लोग कैसे मौजूद रहेंगे।
नार्को टेस्ट और सीबीआई जांच की मांग
दूल्हन के परिजनों की मांग है कि दूल्हे के परिजनों का नार्को टेस्ट किया जाए। पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। असलम के जबलपुर के रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जाए। पुलिस उनसे अब तक पूछताछ नहीं कर पाई है।