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बच्चों समेत पति-पत्नी ने लगाई फांसी, पिता की मौत, मां और चार बच्चे बाल-बाल बचे

आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार, सामूहिक आत्महत्या की बनाई योजना

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mass suicide in rajim

नवापारा-राजिम. राजधानी रायपुर से करीब 30 किमी दूर नवापारा में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के सामूहिक रूप से फांसी लगाने का मामला सामने आया है। इस दर्दनाक घटना में परिवार के मुखिया की तो मौत हो गई, जबकि मां और चार मासूमों को नई जिन्दगी मिली। जानकारी के मुताबिक नगर के सोमवारी बाजार में रहने वाले चुम्मन लाल शुक्ला (40) के परिवार में पत्नी और चार बेटे हैं।

यह परिवार पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इसके चलते पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान रहता था। दोपहर तीन बजे अचानक जोर-जोर की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और घर के भीतर का दृश्य देखकर सभी लोग हतप्रभ हो गए। इसके बाद तत्काल सूचना पुलिस को इस हृदय विदारक घटना की जानकारी दी गई।

पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया। इस दौरान चुम्मन का लिखा हुआ सुसाइड नोट भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक और उसका परिवार ग्राम भुरका के रहने वाले हैं। पिछले 1 महीने से सोमवारी बाजार में किराए के मकान में रह रहे थे।

मंगलवार को परिवार ने एक साथ बातचीत कर सामूहिक आत्महत्या करने की योजना बनाई। फिर घर के एक कमरे में म्यार में साड़ी के छह फंदे तैयार किए। सभी बोरों के ऊपर चढ़ गए। चुम्मन ने पहले अपने चारों बच्चों के गले में फांसी का फंदा डाला। इसके बाद फंदा डालने के बाद एक साथ बोरा को धकेल कर गिरा देने की बात कही।

हालांकि पत्नी सरिता ने हामी नहीं भरी। इसी बीच चुम्मन ने बोरी को लात मार कर गिरा दिया, इससे चुम्मन के गले पर फांसी का फंदा कसने लगा। वह तडफ़ड़ाने लगा। पिता तो तड़पता देख बच्चे और पत्नी की हिम्मत टूट गई। सभी अपने अपने गले का फंदा हटाकर लटक रहे चुम्मन को बचाने की कोशिश की। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चुम्मन की फांसी पर लटकने से मौत हो गई। यह देख परिजन रोने और चिल्लाने लगे।

मंगलवार दोपहर चुम्मन ने सबसे पहले एक सुसाइड नोट तैयार किया। इसमें पूरे परिवार द्वारा उठाए जा रहे सामूहिक आत्महत्या के लिए आर्थिक स्थिति को जिम्मेदार ठहराते हुए किसी अन्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना बताया। मैं सिकलसेल की बीमारी से पीडि़त हूं। किराने की दुकान में छोटी सी नौकरी से परिवार की गाड़ी खींचना भारी पड़ रहा है। बच्चों की पढाई भी छूट गई। अब जीवन से निराश होकर हम सब यह कदम उठा रहे हैं।

गोबरा नवापारा के एएसआई रमेश शर्मा ने बताया कि चुम्मन लाल का परिवार एक किराए के मकान में रह रहा था। कई महीनों का किराया भी बकाया था। आसपास के लोगों का कहना है कि परिवार की हालत बेहद खराब है। मामले की जांच की जा रही है।

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