जाति मामले पर अजीत जोगी को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, जस्टिस ने की याचिका खारिज

जाति मामले पर अजीत जोगी को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, जस्टिस ने की याचिका खारिज

Deepak Sahu | Publish: Sep, 08 2018 09:12:43 AM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 09:14:45 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति जोसेफ की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को सही माना

रायपुर. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रमुख अजीत जोगी को थोड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जोगी की जाति मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार की उच्च स्तरीय छानबीन समिति के उस निर्णय पर स्थगन दिया था, जिससे अजीत जोगी का जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया था। याचिकाकर्ता और भाजपा नेता संत कुमार नेताम ने बताया, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति जोसेफ की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को सही माना।

उनका कहना था, तकनीकी आधार पर छानबीन समिति के निर्णय को खारिज करना सही था। अदालत को बताया गया था, उच्च स्तरीय छानबीन समिति का गठन कानूनी तरीकों से राजपत्र में प्रकाशन कर नहीं किया गया था। ऐसे में उसका निर्णय गलत था। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पहले ही बता चुके थे कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद नई उच्च स्तरीय छानबीन समिति जाति की जांच शुरू कर चुकी है। वहीं अजीत जोगी की ओर से बताया गया, अदालत ने इस मामले में अलग से कोई निर्देश जारी करने से इनकार किया है।

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ऐसे उलझा है मामला
भाजपा नेता संत कुमार नेताम और समीरा पैकरा ने अजीत जोगी की जाति को सन 2000 में हाई कोर्ट मे चुनौती दी थी। हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने छानबीन समिति बनाई। 2001 में आयोग ने सरकार को जांच करने को कहा था । समिति ने जोगी को आदिवासी नहीं पाया और उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने का आदेश जारी कर दिए थे। जोगी ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने समिति के गठन को गलत बताते हुए उसका आदेश रोक दिया। संतराम नेताम ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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