
अमेरिका का सुपर फूड चिया की खेती छग में, यह प्रोटीन,रेशा और वसा का भरपूर भंडार
अम्बिकापुर. पेस्टीसाइड्स के जमाने में इंसान अब खाने की थाली में क्वांटिटी की जगह क्वालिटी फूड की तलाश कर रहा है। ऐसे में किसानों ने भी सुपर फूड्स को खेतों तक पहुंचाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पारम्परिक खेती के साथ साथ सरगुजा के 20 किसान दक्षिण अमेरिका से भारत पहुंचे चिया की खेती शुरू कर दी है। स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक गुणों के कारण चिया को वैश्विक स्तर पर सुपर फू ड की श्रेणी में रखा गया है। सरगुजा के कई किसानों को इसके बीज को निशुल्क बांटा गया है। फि लहाल किसानों ने छोटे स्केल पर इसकी खेती की है। इस साल इसका रकबा बढ़ाने की दिशा में विभाग काम कर रहा है।
रोटी, दलिया, हलवा के रूप में खाया जाता है चिया
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर जितेंद तिवारी बताते हैं कि दक्षिण,पश्चिम अमरीका तथा मैक्सिको के कई हिस्सों में चिया के बीज को उगाया जाता है। वहां इसका उपयोग मुख्य खाद्य पदार्थ के रूप में होता है। इसे रोटी, दलिया, हलवा या अंकुरित सलाद के रूप में खाया का सकता है। इसके पत्तों का इस्तेमाल चाय के लिए भी किया जाता है।
स्वास्थ्य के लिए लाभदायक, इसकी 15 सौ से २ हजार रुपए किलो
देश के विभिन्न इलाकों में हो रही खेती देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी खेती हो रही है। किसान इससे बेहतर आय भी अर्जित कर रहे हैं। चिया में कम कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन,रेशा तथा वसा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस वजह से इसकी डिमांड क्वालिटी फूड की थाली में बढ़ी है।
चाय के रूप में भी ले सकते हैं रोजाना एक चम्मच
डॉ अपराजिता तिवारी ने बताया कि चिया को अधिक पोषक तत्वों एवं औषधीय गुणों के कारण सुपर फ़ूड के रूप में जानते है। इसमें प्रचुर मात्रा में पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, कैल्शियम, कॉपर, विटामिन एवं ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। इसके बीज को रोजाना एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ सुबह पी सकते हैं।
Published on:
08 May 2023 12:07 pm

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