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दुनिया की सबसे अनोखी बीमारी से लड़कर बेबी सानिया ने जीत ली जिंदगी की जंग

बेबी सानिया ने जीत ली जंग। पेरिटोनियल डायलिसिस से पीडित बेबी सानिया का मामला दुनिया का छठवां और भारत का पहला किडनी ट्रांसप्लांट का है।

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रायपुर . पेरिटोनियल डायलिसिस (पेट वाला डायलिसिस) से पीडित बेबी सानिया का मामला दुनिया का छठवां और भारत का पहला किडनी ट्रांसप्लांट का है। जिसमें श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉक्टरों को कामयाबी मिली। इसमें 20 डॉक्टरों की टीम 10 दिन तक जुटी रही। सानिया के सफल किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन के मौके पर प्रेस कांफ्रेस में मौजूद रायपुर रेंज आईजी प्रदीप गुप्ता ने कहा कि यह बहुत ही खुशी की बात है कि बेबी सानिया का ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन यह सफर खत्म नहीं हुआ है। सानिया ने अभी तो सिर्फ एक चुनौती को पूरा किया है, यानी किडनी ट्रांसप्लांट जैसे खतरे से जिंदगी की जंग जीत ली है।

आईजी गुप्ता ने कहा कि सानिया को अभी एक चुनौती पूरी करनी है, वह है आंखों की रोशनी का। जिस तरह मीडिया, पुलिस विभाग के अफसर व समाजसेवियों ने सानिया को नई जिंदगी देने में अपनी ऊर्जा लगाई है, ठीक उसी तरह से भविष्य में उनकी आंखों की रौशनी लौटाने का प्रयास करेंगे। इस सफल अभियान के लिए श्री बालाजी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. देवेन्द्र नायक के साथ उनकी पूरी टीम को धन्यावाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इतनी बड़ी कड़ी चुनौती को स्वीकारा और इसे सफल बनाया।

आज भी जिंदा है इंसानियत
दुर्ग पुलिस वूमेन हेल्प लाइन की आरक्षक स्मिता तांडी ने कहा कि सानिया को मिली कामयाबी के पीछे काफी लोगों का हाथ है। सानिया के मदद के लिए मीडिया, सोशल मीडिया, पुलिस विभाग सहित हजारों लोगों ने अपने-अपने तरीके से आर्थिक मदद की। इससे यह साबित होता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है। जीवन दीप समिति के रविन्द्र क्षत्री ने कहा कि यह हमारे लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है कि सानिया के जीवन में दोबारा खुशी लौटी है।

अभी भी सब सपना लग रहा है : डिंपल
जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही सानिया को मिली कामयाबी से उनकी मां डिंपल साहू भावुक होकर कहा कि मुझे तो अभी भी यह सब सपना ही लग रहा है। क्योंकि मेरी बेटी जिंदगी की जंग को जीत ली है। हमारे लिए सानिया बेटी नहीं बल्कि हमारा घर का चिराग है, यानी बेटा है।

श्री बालाजी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर डॉ. देवेन्द्र नायक ने कहा कि निश्चित ही सानिया के इस सफल किडनी ट्रांसप्लांट का केस छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहला है, जो प्रदेश के डॉक्टरों को गौरान्वित कर रहा है। श्री बालाजी हॉस्पिटल में अब तक कुल 32 किडनी ट्रांसप्लांट हुए हैं, जिनमें दो केस में पहले भी नि:शुल्क उपचार किया गया है।

बच्चों को दिया प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण
नया रायपुर में स्थापित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल नवंबर 2012 से जन्मजात ह्रदय रोग से पीडि़त बच्चों का पूर्णत: नि:शुल्क इलाज के लिए देश विदेश में जाना जाता है। इस अस्पताल के पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा ग्रामीण शासकीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्यार्थियों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाता है, जिसके माध्यम से अब तक 10000 से भी अधिक बच्चों के स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।

रायपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) पोषक आहार, व्यक्तिगत स्वछता, तंबाकू, शराब एवं ड्रग्स के दुव्र्यसन से होने वाली बीमारियों व उससे बचने के उपायों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर से अवगत कराना है।

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