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रायपुर

Bageshwar Dham: कौन हैं बागेश्वर धाम के महाराज? पढ़िए लोगों के मन की बात बताने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण की कहानी

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1 year ago
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Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham Sarkar) महाराज धीरेंद्र कृष्ण (Dhirendra Krishna Shastri Bageshwar Dham) के भारत में लाखों की संख्या में प्रशंसक और भक्त हैं। इतना ही नहीं विदेशों में भी उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ रही है। उनकी कथाएं जहां भी होतीं हैं, हजारों लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। वे अपनी रामकथा और दिव्य दरबार को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।

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Bageshwar Dham: छतरपुर जिले का प्रसिद्ध बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham Sarkar) हनुमानजी का मंदिर है जहां करोड़ों लोगों की श्रद्धा जुड़ी हुई है। इसी धाम के पुजारी और कथावाचक हैं पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pt. Dhirendra Krishna Shastri)। वह बहुत कम समय में ही बहुत ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। लोगों के मुताबिक शास्त्री बागेश्वर धाम आने वाले भक्तों की समस्याओं को बिना किसी व्यक्ति से बात किए ही बता देते हैं।

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Bageshwar Dham: राम कथा की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pt. Dhirendra Krishna Shastri) पूरे देश में मशहूर हैं। इनका (Pt. Dhirendra Krishna Shastri) जन्म चार जुलाई 1996 में छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में हुआ है। पिता रामकृपाल गर्ग और मां सरोज गर्ग की 3 संतानों में धीरेंद्र सबसे बड़े हैं। बचपन गरीबी में बीता है।

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Bageshwar Dham: 12वीं तक पढ़े धीरेंद्र कृष्ण (Pt. Dhirendra Krishna Shastri) भी पिता की तरह भगवान सत्यनारायण की कथा सुनाने लगे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pt. Dhirendra Krishna Shastri) ने एक वाक्ये का जिक्र करते हुए कहा था कि हमारे पिता जी हमें पढ़ाई के लिए वृंदावन नहीं भेज पाए थे क्योंकि उनके पास एक हजार रुपये नहीं थे।

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Bageshwar Dham: गांव में हनुमानजी का मंदिर है। इसी बालाजी मंदिर में उनके दादाजी भगवानदास गर्ग की समाधि है। कहते हैं कि उनके दादाजी सिद्ध पुरुष थे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दावा है कि उनकी तपस्या और गुरु दादाजी महाराज के आशीर्वाद से उन्हें भविष्य जानने की अनुभूति प्राप्त हुई है।

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Bageshwar Dham: उनके भक्त बताते हैं कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी (Pt. Dhirendra Krishna Shastri) अपने दरबार में किसी भी अनजान व्यक्ति को बुलाते हैं, जब तक वह उनके करीब पहुंचता है पंडित महाराज (Pt. Dhirendra Krishna Shastri) उस व्यक्ति का नाम और उसका पता एक पर्चे पर लिख देते हैं। इतना ही नहीं दरबार में ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण महाराज उस व्यक्ति की परेशानियों को बता देंते हैं।

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