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ऐसा क्या हुआ कि वन विभाग के मुख्य सचिव खेतान को लगानी पड़ी विभागीय अधिकारियों को फटकार

* आधा राजस्व की वसूली भी क्यों नहीं कर पाए वन विभाग के अधिकारी ?

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mahanadi bhawan

ऐसा क्या हुआ कि वन विभाग में मुख्य सचिव खेतान को लगानी पड़ी विभागीय अधिकारियों को फटकार

रायपुर । वन विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके खेतान ने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई है। उन्होंने निर्धारत लक्ष्य से आधा राजस्व भी वसूल नहीं करने पर अफसरों से जवाब मांगा। साथ ही लकड़ी और बांस के उत्पादन से राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को उन्होंने नई राजधानी स्थित महानदी भवन में वनोपज और राजस्व वसूली को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई थी।

इस दौरान अफसरों ने बताया कि 2018-19 में वनोपज से 600 करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, वित्तीय वर्ष के दौरान 2 सौ 54 करोड़ 58 लाख रूपए की राजस्व की प्राप्ति हुई है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2017-18 में काष्ठ और बांस कूपों के विदोहन से प्राप्त होने वाले वनोपज की लाभांश की राशि 13 करोड़ 72 लाख रुपए 226 वन प्रबंधन समितियों को दिया जाना बताया।

चालू वित्तीय वर्ष 4357 पंजीकृत बंसोड़ो को 302392 नग बांस उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वन विदोहन से प्राप्त होने वाले राजस्व लक्ष्य के अनुरूप हासिल किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी। बैठक में प्रमुख रूप से एपीसीसीएप उत्पादन एसके सिंग, एपीसीसीएफ राजस्व देवाशीष दास सहित अन्य अफसर उपस्थित थे।


रखरखाव के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बारिश के मौसम के पहले वनोपज के सही रखरखाव की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष में कूपों में विदोहन किये गये सभी वनोपजों को बारिश से पहले डिपो में परिवहन कराने कहा। साथ ही वनोपज को नीलाम द्वारा निर्धारित राजस्व की प्राप्ति के लक्ष्य को पूरा करने की हिदायत दी।

बता दें कि वनोपज से600 करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, वित्तीय वर्ष 2018-19 दो सौ 54 करोड़ 58 लाख रूपए की राजस्व की प्राप्ति हुई है। वहीं 84900 घनमीटर ईमारती काष्ठ का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, 65349 घनमीटर ईमारती काष्ठ (77 प्रतिशत) तथा जलाऊ चट्टों के अनुमानित लक्ष्य 116071 था। लेकिन, 71064 चट्टा (82 प्रतिशत) और 21695 टन बांस का लक्ष्य में मात्र 14509 टन (62 प्रतिशत) बांस का उत्पादन का ब्यौरा पेश किया।

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