
"राजीव गांधी किसान न्याय योजना" की शुरुआत 21 से, 19 लाख किसानों के खाते में भेजेंगे 5700 करोड़
रायपुर. कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी के शहादत दिवस पर गुरुवार को 'राजीव गांधी किसान न्याय योजना' की शुरुआत करेगी।
दिल्ली से कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्व. राजीव गांधी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद 5700 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि को कृषकों के खातों में ऑनलाईन अंतरण की जाएगी।
इस योजना के तहत 2019 से खरीफ की धान और मक्का जैसी फसलों पर किसानों को अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि दी जाएगी। कांग्रेस सरकार इस योजना को मील का पत्थर बता रही है।
छत्तीसगढ़ में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए 'राजीव गांधी किसान न्याय योजना' का आगाज किया जाएगा। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के करीब 19 लाख किसानों को फायदा होगा। राज्य की कांग्रेस सरकार 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किस्तों में सीधे किसान के खातों में भेजेगी।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बड़ी योजना मानी जा रही है। सीएम भूपेश बघेल और राज्य के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने एक वीडियो जारी कर कहा कि राज्य सरकार इस योजना के तहत 2019 से खरीफ की फसलों- धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि देगी।
इस योजना में धान की फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को प्रथम किस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। ऐसे ही गन्ना फसल के लिए पेराई साल 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ने की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन व सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।
इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार देश में किसानों को गन्ना की सबसे ज्यादा कीमत देगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 'न्याय' योजना के द्वितीय चरण में शामिल करने का फैसला किया है। कृषि मंत्री रवींद्र चौबे इस योजना को मील का पत्थर बताया है।
Updated on:
20 May 2020 07:24 pm
Published on:
20 May 2020 07:17 pm
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