कांग्रेस ने कहा- सही है , कांग्रेस की मजबूती के सामने भाजपा कोई चुनौतीभाजपा - 2003 में दिग्विजय सिंह सरकार की क्या हालत की थी जो कांग्रेस सत्ता में नहीं लौट पाई
रायपुर.
भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के बयान पर कांग्रेस ने जहां पलटवार किया है। वहीं भाजपा ने फिर से वार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा , सही है छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मजबूती के सामने भाजपा को कोई चुनौती नहीं है। वहीं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कहा, मप्र में 2003 ेंमें प्रभारी रहते ओम माथुर ने क्या हालत की थी, जरा याद कर लें। जो अभी तक कांग्रेस सत्ता में नहीं आई।
उन्होंने कहा, उनकी पार्टी में मोहन मरकाम को कोई तवज्जो नहीं दे रहे इसलिए वे अपनी राजनीतिक जमीन बचाने कोरी बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें आत्म अवलोकन करते हुए पता कर लेना चाहिए कि मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की क्या हालत हुई थी जो वे दोबारा सत्ता में ही नहीं आ पा रहे।नलिनीश ठोकने ने कहा, कांग्रेस के 50 से ज्यादा विधायक मुख्यमंत्री के इशारे पर दिल्ली उड़ान भरते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया को खबर तक नहीं लगती। कांग्रेसियों पर कार्यवाही की बात कर मोहन मरकाम और पीएल पुनिया मजबूर नजर आते हैं। कांग्रेस के एक दर्जन विधायक सरकार के मंत्री के खिलाफ प्रेस वार्ता करते हैं, सरकार के मंत्री सदन से असहमति के साथ बाहर निकलते हैं तब भी मोहन मरकाम और पुनिया बेबस ही नजर आते हैं। ऐसे में मोहन मरकाम और पीएल पुनिया को अपने घर की चुनौतियों से पहले निपटना चाहिए और ऐसी कांग्रेस जिसके अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के लिए आंतरिक चुनौतियों का अंबार हैं, वह कांग्रेस भाजपा को क्या चुनौती देगी। चुनौती तो कदम कदम पर कांग्रेस के सामने हैं।
माथुर ने सच स्वीकारा : मरकाम
भाजपा प्रभारी ओम माथुर द्वारा छत्तीसगढ़ में भाजपा को कांग्रेस कोई चुनौती नहीं है बताए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा, ओम माथुर ने सच स्वीकारा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मजबूती के सामने वास्तव में भाजपा कोई चुनौती नहीं है। ओम माथुर को प्रभारी बनने के साथ इस बात की जानकारी हो चुकी थी इसलिए प्रभारी बनने के बाद वो छत्तीसगढ़ आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। वे बड़ी हिम्मत करके तीन महिने बाद छत्तीसगढ़ आए हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा कांग्रेस से इतनी डरी हुई है कि 2018 की हार के बाद उसने अभी तक 4 प्रदेश अध्यक्ष, एक नेता प्रतिपक्ष और तीन प्रभारी बदला है। 2018 के बाद ओम माथुर तीसरे भाजपा के प्रभारी है। जो भी प्रभारी छत्तीसगढ़ आता है वह अपने पहले प्रवास में बड़ी-बड़ी बातें करता है लेकिन राज्य की जमीनी हकीकत देखने के बाद उसके भी हौसले पस्त हो जाते है।