
PM-USHA फंड में करोड़ों की गड़बड़ी, जांच रिपोर्ट ने खोले राज(photo-patrika)
PM-USHA Fund Scam: उच्च शिक्षा विभाग ने पीएम-उषा मद के तहत हुई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए नारायणपुर जिले के शासकीय महिला महाविद्यालय में बड़ी कार्रवाई की है। बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए लाखों रुपये की खरीदी के मामले में कॉलेज के प्राचार्य समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने इनके खिलाफ अलग से विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
नारायणपुर स्थित नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय में पीएम-उषा फंड से नियमों को ताक पर रखकर खरीदी की गई। जांच में सामने आया कि 14 अक्टूबर 2025 को बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश जारी किए गए।
इस मामले में प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल सहित सहायक प्राध्यापक भूषण जय गोयल, किशोर कुमार कोठारी, हरीश चंद बैद और नोहर राम को निलंबित किया गया है।
इससे पहले महासमुंद जिले के शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट में भी पीएम-उषा और रूसा मद से की गई खरीदी में भारी गड़बड़ी सामने आई थी। यहां करीब 1.06 करोड़ रुपये की अनियमित खरीदी के मामले में प्राचार्य डॉ. एस.एस. तिवारी को निलंबित किया गया था।
इसके साथ ही क्रय समिति में शामिल शासकीय कॉलेज पिथौरा के चार सहायक प्राध्यापकों- डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. बृहस्पत सिंह विशाल, पीठी सिंह ठाकुर और डॉ. एस.एस. दीवान- को भी निलंबित किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग कॉलेजों में एक ही दिन में बड़ी संख्या में क्रय आदेश जारी किए गए। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में 15 अप्रैल 2025 को 1 करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश, शासकीय आदर्श महाविद्यालय, महासमुंद में 22 अक्टूबर 2025 को 1 करोड़ रुपये के 36 आदेश, जबकि महिला महाविद्यालय, नारायणपुर में 14 अक्टूबर 2025 को बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश जारी किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए।
निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में भी संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के निर्देश पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीएम-उषा जैसे महत्वपूर्ण केंद्रीय फंड में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Published on:
13 Jan 2026 01:33 pm

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