
ड्रग्स रैकेट केस में एक और नया खुलासा।
रायपुर. ड्रग्स पैडलरों के गिरोह (Drug Trap in Chhattisgarh) में हाईप्रोफाइल रसूखदारों के शामिल होने के अलावा एक सिपाही के भाई का नाम भी सामने आया है। रायपुर पुलिस उसकी भी तलाश में लगी है। ड्रग्स पैडलरों के नेटवर्क का खुलासा होने के बाद से सिपाही फरार है।
सूत्रों के मुताबिक सिपाही के भाई का कई ड्रग्स पैडलरों से सीधा संबंध है। इस कारण ड्रग्स पैडलरों के पकड़े जाने के बाद वह रायपुर छोड़कर उत्तरप्रदेश चला गया है। पूछताछ के दौरान कई पैडलरों ने भी उसका नाम लिया है। फिलहाल पुलिस की टीम उसकी पतासाजी में लगी है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने रायपुर में कोकिन तस्करों के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इसमें तस्कर और कोकिन का सेवन करने वाले शामिल हैं। पुलिस अब तक गिरोह के 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी जेल में हैं। किसी को जमानत नहीं मिली है।
ऐसे जुड़ते गए तार
कोतवाली पुलिस ने 30 सितंबर को बैरनबाजार के पास श्रेयांश झाबक और विकास बंछोर को कोकिन तस्करी करते हुए पकड़ा था। दोनों को जेल भेज दिया गया, लेकिन उनके मोबाइलों की जांच की गई। इससे कोकिन सेवन करने वालों की लंबी लिस्ट का पता चला। साथ ही दूसरे ड्रग्स पैडलरों के बारे में भी जानकारी सामने आई।
इसके बाद पुलिस की एक टीम ने बिलासपुर में दबिश देकर अभिषेक शुक्ला और मिन्हाज सहित सात ड्रग्स पैडलर को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के आधार पर भिलाई से आशीष जोशी और उसकी प्रेमिका निकिता पंचाल को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कारोबारी संभव पारख और मोका रेस्टोरेंट के संचालक हर्षदीप जुनेजा को पकड़ा गया। इसके बाद मुंबई के रॉयडेन बथेलो को पकड़ा गया। कुछ और लोगों की तलाश जारी है।
बड़ा गिरोह सक्रिय
शुरुआत में दो ड्रग्स पैडलरों को पकड़ते वक्त पुलिस ने इतने बड़े गिरोह होने का अनुमान नहीं लगाया था। कोकिन काफी महंगा होता है। इस कारण उसका सेवन करने वाले भी शहर के कारोबारी, नेता, अफसर या उनके रिश्तेदार कर रहे थे। कोकिन तस्करी का धंधा रायपुर में पिछले कई सालों से चल रहा था। बताया जाता है कि होटल-क्लबों में कई बार ऐसी पार्टी आयोजित हो चुकी है, जिसमें लोग बिना पीए झूमते नजर आते थे। हालांकि पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए बारीकी से जांच कर रही है।
Published on:
23 Oct 2020 09:56 pm
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