
रायपुर। कोरोना संक्रमण काल में पालकों से फीस लेने वाले एवं फीस ना देने के अभाव में छात्रों को स्कूलों से निकालने की घटना को अंजाम देने वाले स्कूलों की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मांगी है। यह जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों की दी गई है।
जिले की जिला शिक्षा अधिकारी निजी स्कूलों से जानकारी लेकर, वरिष्ठ अधिकरियों को भेजने का दावा कर रहे हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजदू जिन निजी स्कूलों को फीस वसूलने, फीस वृद्धि करने और छात्रों को क्लास से बाहर करने से जिला शिक्षा विभाग के जिम्मेदार नहीं रोक पाए, उन स्कूल प्रबंधन को जानकारी ना देने पर नोटिस देने के अलावा शिक्षा विभाग के जिम्मेदार क्या कर पाएंगे। निजी स्कूलों की मनमानी की दर्जन शिकायत पेंडिंग है? अफसर नोटिस देकर शांत बैठे है और मामलों में ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों पर नियंत्रण नहीं
जिले के सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के प्रबंधन पर स्कूल शिक्षा विभााग के अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं है। इन स्कूलों के जिम्मेदार विभागीय नोटिस का जवाब भी मियाद खत्म होने के बाद देते है। इन स्कूलों की मनमानी की शिकायत आने पर नोटिस जारी करके रिपोर्ट बनाता है और इनके बोर्ड को रिपोर्ट कर देता है। पैसे के प्रभाव में ये स्कूल बोर्ड में अपनी सेटिंग कर लेते है, और जिला शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों को मुंह चिढ़ाते हुए मनमाने तरीकों से स्कूलों का संचालन करते है।
जिले में १ हजार ८५३ निजी स्कूल
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में १ हजार ८५३ निजी स्कूल है। इन निजी स्कूलों को लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक के निर्देशानुसार जानकारी मुहैय्या कराने के लिए पत्र जारी किया जाएगा। लॉकडाउन खुलने के बाद सभी निजी स्कूलों को अधीनस्थ अफसरों के माध्यम से सर्कुलर बांटा जाएगा और उनसे जानकारी मांगी जाएगी। जो स्कूल प्रबंधन जानकारी मुहैय्या नहीं कराएंगे, उनकी रिपोर्ट भी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी जाएगी। अधिकारियों के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
हाईप्रोफाइल कॉलेज नहीं देंगे जानकारी
शिक्षा विभाग के जानकारों की मानें तो संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर मध्यमवर्गीय निजी स्कूल जानकारी दे देंगे, लेकिन हाईप्रोफाइल स्कूल आदेश को ठेंगा दिखाएंगे। ये निजी स्कूल पूर्व में विभागीय अधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखा चुके है और उन पर रसूख के चलते ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
लॉकडाउन खुलने के बाद संचालनालय के निर्देशानुसार अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से निजी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर जानकारी मांगी जाएगी। जो स्कूल प्रबंधन जानकारी देने में आनाकानी करेंगे, उनके रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर मामले में निर्देशानुसार कार्रवाई करेंगे।
जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर।
Published on:
27 Sept 2020 04:40 pm
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