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6 महीने में जेब पर बढ़ा बोझ, 5 सदस्यीय परिवार का खर्चा 8000 से बढ़कर 10 हजार के करीब पहुंचा

- किराना, सब्जी, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फर्क- परिवार पर 20 फीसदी का अतिरिक्त बोझ

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तरकारी के ताव खाने से दो वक्त की सब्जी खरीदना हुआ महंगा

तरकारी के ताव खाने से दो वक्त की सब्जी खरीदना हुआ महंगा

रायपुर. मार्च से लेकर अक्टूबर के दरमियान इन 6 महीने ने परिवारों पर खर्चें का बोझ बढ़ा दिया है। बेमौसम बारिश और कोविड-19 के दौर में कई खाद्य साम्रगियों की मांग में तेजी की वजह से किराना, सब्जियों में 6 महीने के भीतर 20 से लेकर 50 फीसदी की महंगाई आ चुकी है। इससे ना केवल घर का बजट बिगड़ा है, बल्कि किचन बेहतर रखने के लिए महिलाओं को घर के दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।

बीते महीने की अपेक्षा किराना सेक्टर की कीमतों में हल्की राहत जरूरी है, लेकिन मार्च जितनी नहीं है। थोक और चिल्हर कारोबारियों का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह बारिश है, जिसमें दाल-दलहन और अनाज की फसलें तबाह हो गई, वहीं कोविड-19 की वजह से दाल, मसालें, चाय आदि की मांग में तेजी से उछाल आया। डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने की वजह से कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज होती रही।

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यही कारण है कि मार्च में 70-80 रुपए प्रति किलो में बिकने वाले राहर दाल की कीमतें अक्टूबर आते तक 100 रुपए पार हो चुकी है। अच्छी क्वालिटी की राहर दाल बाजार में 110 से 120 रुपए किलो तक मिल रही है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी पेट्रोल-डीजल की खपत बढ़ी
अक्टूबर महीने में राजधानी में पेट्रोल-डीजल की खपत में भी इजाफा देखा जा रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बजाय निजी वाहनों की प्राथमिकता के बाद जहां ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में तेजी देखी जा रही है, वहीं कई परिवारों में एक की जगह अब दो स्कूटर या गाडिय़ां रखनी पड़ रही है। इससे महीने के खर्च में वृद्धि दर्ज की गई है।

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नवंबर-दिसंबर से राहत की उम्मीद
डूमरतराई थोक बाजार संघ के अध्यक्ष राम मंधान का कहना है कि नवंबर से दालों की नई फसल आएगी, जिसके बाद कीमतों में राहत की उम्मीद हैं। गोलबाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष दिनेश साहू ने बताया कि तेज होने के बाद बाजार फिर से पटरी पर लौट रहा है। मार्च की पुरानी स्थिति पर लौटने में अभी समय लग सकता है।

संभवत: नवंबर के बाद कीमतें सामान्य हो सकती है। डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि सब्जियों की स्थानीय आवक 20 फीसदी भी नहीं है। इसके लिए 15 नवंबर के बाद की फसल का इंतजार करना पड़ेगा। बारिश की वजह से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।

मध्यम वर्गीय 5 सदस्यीय परिवार में खर्च
क्रं.- मार्च-अक्टूबर
किराना- 2000-2500- 2400-3000
पेट्रोल-डीजल- 1800-2500-2000-3000
सब्जी- 2000-3000-2400-3800
कुल- 5800-8000-6800-9800

पेट्रोल की कीमतें
अप्रैल- 70.40
अक्टूबर- 79.87

सामान- मार्च- अक्टूबर
अरहर दाल-70-80- 80-120
मूंग ल- 70-80- 100-120
चना दाल-50-60- 75-80
चावल-30-40- 30-50
चाय पत्ती- 150-180-200-300
दाल चीनी- 250-280-300-350
काली मिर्च- 450-500

सब्जियों की कीमतें
सब्जियां- मार्च- अक्टूबर
टमाटर- 15-20- 40-50
लौकी-10- 20-30
पत्ता गोभी-(10)-20-30
करेला-20-30-50-60
भिंडी-20- 30-40
आलू-10-12-30-40
प्याज-15-20- 60-80
मिर्च- 30-40- 70-80
बैगन-(20)- 30-40

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