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ले चलहुं अपन दुवारी के हीरो ने ज्योतिष के कहने पर बदल दिया नाम

नागिन-6, ससुराल सिमर का 2, प्यार तूने क्या किया, कभी-कभी इत्तेफाक से जैसे टीवी शो कर चुके हैं शील वर्मा

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ले चलहुं अपन दुवारी देख रो पड़े एक्टर पुष्पेंद्र सिंह

एक्ट्रेस पूजा के साथ एक्टर शील वर्मा।

ताबीर हुसैन @ रायपुर. शुक्रवार को छत्तीसगढ़ी फिल्म ले चलहुं अपन दुवारी रिलीज हुई। इसके हीरो शील वर्मा का असली नाम राकेश वर्मा है। दरअसल, उन्होंने एक ज्योतिषी के कहने पर नाम बदल दिया। पत्रिका से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि, वैसे तो मैं ज्योतिष शास्त्र को नहीं मानता था लेकिन एक ज्योतिष ने मेरे बारे में एक ऐसा सच बोल दिया कि मुझे उस पर विश्वास होने लगा। एक बार उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हारा कोई काम बार-बार रुक रहा है क्या? मैंंने कहा हां। तब उन्होंने मुझे नाम बदलने की सलाह दी।

इंजीनियर से बने एक्टर

भिलाई निवासी शील ने बताया, दुर्ग के कॉलेज से इंजीनियरिंग की। थर्ड ईयर के दौरान मैं ग्लैमर के प्रति आकर्षित हुआ। मैंने फैमिली से कहा कि मेरा इंट्रेस्ट पढ़ाई में नहीं है छोड़ दूं क्या। उन्होंने कहा कि पढ़ाई भी जरूरी है। तुम्हें मुंबई जाने के लिए पैसे भी लगेंगे। तुम पढ़ाई पूरी करो और हम तुम्हें मुंंबई जाने के लिए पैसे देंगे। इस तरह से मुझे कन्वेंस किया गया। आखिर वो दिन आ गया जब मैं मुंबई गया। वहां मैंने कई ऑडिशन दिए। मुझे नागिन-6, ससुराल सिमर का 2, प्यार तूने क्या किया, कभी-कभी इत्तेफाक से में काम करने का मौका मिला। कई विज्ञापन किए। मुझे छत्तीसगढ़ के लिए भी कुछ करना था इसलिए यहां संभावना तलाशने लगा।

कई वर्कशॉप अटैंड की

मैंने थिएटर किया है। कई वर्कशॉप अटैंड की। कैमरा समझने के लिए शॉर्ट फिल्म बनाई। कैमरे के पीछे भी काम किया। अभिनय कोई नहीं सिखाता, वह आपके भीतर होता है। इंसान को सेंसटिव होना चाहिए। यही कैमरे के सामने आता है।

मुंबई जाने से पहले क्या करें

मुंबई जाने के बाद बातचीत करना भी एक आर्ट है। कई बार आप बात करते वक्त नर्वस हो जाते हैं क्योंकि वहां के लोग खुले हुए होते हैं, कॉन्फिडेंट होते हैं। मल्टीलैंग्वेज और मल्टीटैलेंटेड होते हैं। इसे सीखने में ही मुझे छह महीने लग गए। बात सिर्फ अंग्रेजी में बात करने की नहीं, हिंदी में भी बात करने का सलीका आना चाहिए। अगर कोई मुंबई जाए तो पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स करके ही जाए।

फौजी बनना चाहते थे

फिल्म में फौजी का रोल कर रहे शील ने बताया कि मैंने एनसीसी में बी और सी सर्टिफिकेट हासिल किया है। मैं फौज में जाना चाहता था लेकिन घर वालों ने कहा, इकलौते बेटे हो, नहीं भेजेंगे। जब रील लाइफ में फौजी का रोल मिला तो मुझे वापिस उसी शेप में आने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। 15 दिन तक जमीन में बिना गद्दा और तकिया के स्टेट सोया करता था।