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घटौद चिन्दाभाठा गांव की गलियों में हाथी ने मचाई धमाचौकड़ी, छतों पर चढक़र ग्रामीणों ने बचाई जान

तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग १६ किमी दूर परिक्षेत्र धवलपुर के ग्राम घटौद चिन्दाभाठा में सोमवार को शाम ४ बजे एक जंगली हाथी जंगल से भटक घुस गया। हाथी गांव की गलियों में धमाकचौड़ी मचाने लगा। इससे डरकर ग्रामीण जान बचाने अपने मकानों के छतों पर चढ़ गए। देखते ही देखते गांव में चारों तरफ दहशत का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।

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घटौद चिन्दाभाठा गांव की गलियों में हाथी ने मचाई धमाचौकड़ी, छतों पर चढक़र ग्रामीणों ने बचाई जान

घटौद चिन्दाभाठा गांव की गलियों में हाथी ने मचाई धमाचौकड़ी, छतों पर चढक़र ग्रामीणों ने बचाई जान

मैनपुर। तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग १६ किमी दूर परिक्षेत्र धवलपुर के ग्राम घटौद चिन्दाभाठा में सोमवार को शाम ४ बजे एक जंगली हाथी जंगल से भटक घुस गया। हाथी गांव की गलियों में धमाकचौड़ी मचाने लगा। इससे डरकर ग्रामीण जान बचाने अपने मकानों के छतों पर चढ़ गए। देखते ही देखते गांव में चारों तरफ दहशत का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। साथ ही शोर मचाकर हाथी को भगाने की कोशिश करने लगे। गलियों में हाथी इधर-उधर घंटों भटकते रहा। जिसका लोग छतों से वीडियों बनाकर पोस्ट करते रहे। घंटों बाद हाथी धवलपुर के नजदीक जीरोचैन होते धान की फसलों को रौंदते जंगल की तरफ चला गया।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह हाथी पहली बार इस क्षेत्र में दाखिल हुआ है। जो एमई ३ हाथियों के ३० से ३२ की संख्या दल का मुखिया बताया जा रहा है। जो केरेगांव धमतरी जिसे से बिछड़ कर नवागढ़ धवलपुर में दाखिल हुआ। जिसके बाद घटौद चिन्दाभाठा गांव की गलियों में घंटो भटकते रहा।
ग्रामीण गणेशजी के लगाते रहे जयकारे
लोग गणेशोत्सव पर गणेशजी के आगमन होने की बात कहते हुए छतों से जयकारे लगाते रहे। वहीं, घटौद में गणेश पंडाल के सामने ही हाथी लगभग २० मिनट तक रुका रहा। ग्रामीणों ने बताया कि गजानंद को मोदक का भोग लगाया जा रहा था, तभी चिंघाड़ते हुए गजराज स्वयं आए। गांव की गलियों में घूम-घूमकर लोगों को दर्शन भी दिए। जंगल से भटका हाथी कुछ किसानों के धान की फसल को रौंदते हुए नुकसान पहुंचाया है। वहींं, वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग के कर्मचारी और गज वाहन लगातार हाथी दल से बिछड़े हाथी के पीछे-पीछे चल रहे हैं। प्रभावित ग्रामों में पहुंचकर सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षा की दृष्टिकोण से हाथियों के नजदीक नहीं जाने की अपील कर रहे हंै। भटका हाथी जीरो चैन से सिकासार जलाशय की ओर आगे बढ़ गया, जिसका लगातार ट्रैकिंग किया जा रहा है।
हाथी के गांव में धमकने से ग्रामीणों में दहशत
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सालों से महासमुंद, सिकासार दल का बसेरा रहा है। समय दर समय महासमुंद सिकासार दल के हाथियों का झुंड ही गांव के आसपास जंगल क्षेत्र में मंडराते देखा गया है। लेकिन धमतरी जिला से पहली बार पहुंचा एमई ३ जंगली हाथियों के दल से एक जंगली हाथी के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों को जान माल की चिंता सताने लगी है। हालांकि वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गांव में किसी ग्रामीण की आवास मकान को नुकसान हाथी द्वारा नहीं पहुंचाया गया है।

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