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कुम्हार जाति को छूट की आड़ में चल रहा लाल ईंट का अवैध कारोबार

जिला मुख्यालय से 23 किमी दूर भालुकोना मेन रोड पर स्थित कुम्हार जाति होने का फायदा उठाते हुए लाखों ईंटों का संग्रहण कर ग्राहकों को बेचा जा रहा है। यहां यह बताना लाजमी है कि केन्द्र सरकार द्वारा लाल ईंटों पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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कुम्हार जाति को छूट की आड़ में चल रहा लाल ईंट का अवैध कारोबार

कुम्हार जाति को छूट की आड़ में चल रहा लाल ईंट का अवैध कारोबार

कोरदा (लवन)। जनपद पंचायत बलौदाबाजार क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भालुकोना में अवैध ईंटभ_ा संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, ईंटभ_ा से निकलने वाले धुआं व राख से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के दिनों में सडक़ किनारे बनाए गए ईंटभ_ा से निकलने वाली तपती आग व उड़ता धुआं राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। खनिज विभाग, राजस्व विभाग व पर्यावरण विभाग को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ईंटभ_ा संचालकों के हौसले बुलंद हैं। राहगीरों द्वारा ईंटभ_ों से निकलने वाली राख व धुआं के संबंध में बातचीत करने पर कुम्हार जाति को छूट का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
उल्लेेखनीय है कि जिला मुख्यालय से 23 किमी दूर भालुकोना मेन रोड पर स्थित कुम्हार जाति होने का फायदा उठाते हुए लाखों ईंटों का संग्रहण कर ग्राहकों को बेचा जा रहा है। यहां यह बताना लाजमी है कि केन्द्र सरकार द्वारा लाल ईंटों पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कुम्हार जाति के साथ अन्य जाति के लोग भी लाल ईंटों का निर्माण नहीं कर सकते। इसके बावजूद कुम्हार जाति के लोग अवैध रूप से ईंटभ_ा संचालित कर रहे हैं। कुम्हार जाति के लोग स्वयं मकान बनाने के लिए लगभग 50 हजार ईंट का निर्माण कर सकते हैं, किन्तु यहां सीजन में लाखों का ईंट बनाकर बेचते हैं। वहीं, इनको देखकर रसूखदार लोग भी अवैध कारोबार से मोटी कमाई करने में जुट गए हैं।

कुम्हारों को केवल 50 हजार ईंट बनाने की छूट
कुम्हार जाति को भी लालईंट बनाने की छूट नहीं है। जानकारी के अनुसार इनको मिट्टी से बने सामग्री गमला, मटकियां, दाए, खपरैल आदि बनाने की छूट दी गई है। ईंट बनाने के नियम को कुम्हार जाति वर्ग के लिए शिथिल किया गया है। ऐसे वर्ग के लिए 50 हजार तक ईंट बनाने के लिए किसी प्रकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु, इनकी आड़ में कुम्हार जाति के लोग लाखों ईंट बनाकर व्यवसाय करना शुरू कर दिया है।

नाबालिगों से कराया जा रहा है कार्य
नाबालिगों से मजदूरी कराना प्रतिबंधित है। कोई भी व्यक्ति ईंटभ_ा या अन्य जगहों पर मजदूरी के जोखिम भरे काम 18 साल से कम उम्र के बच्चों से नहीं करा सकता। इसके बाद भी बालश्रम करते नाबालिग देखे जा सकते हैं। ईंटभ_ा में ईंट ढोने का काम नाबालिगों से करा रहे हैं। इसके एवज में उन्हें 130 रुपए मजदूरी दी जा रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार के ऊपर कारवाई नहीं होती है।

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मेरे पास किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र नहीं ह। मैं अपनी इच्छा से ईंट बना रहा हूं।
- शिवम प्रजापति, ईंटभ_ा संचालक भालुकोना

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ईंटभ_ा संचालकों को ग्राम पंचायत द्वारा किसी प्रकार का प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। यहां चार अवैधभ_ा शासकीय भूमि पर संचालित है। जिसे नोटिस दिया जाएगा।
- मनाराम पटेल, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत भालुकोना

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ग्राम भालुकोना में प्रजापति समाज के द्वारा क्षमता से अधिक ईट बनाकर बेच रहे हैं तो मैं दिखवा लेता हूं।
- एम. चंद्रशेखर, जिला खनिज अधिकारी बलौदाबाजार

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