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भगवान महावीर को आज ही के दिन गोदोहासन मुद्रा में प्राप्त हुआ था कैवल्य ज्ञान

वैशाख शुक्लपक्ष की दशमी (Vaishakha Shukla Dashmi) तिथि पर भगवान महावीर स्वामी (Mahavira Swami) को गोदोहासन मुद्रा में संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।  

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Mahavir Jayanti 2021

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रायपुर. वैशाख शुक्लपक्ष की दशमी तिथि शनिवार को है। इसी तिथि पर भगवान महावीर स्वामी (Lord Mahavira Swami) को गोदोहासन मुद्रा में संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। जिसे सकल जैन समाज भगवान का कैवल्य जन्मकल्याणक महोत्सव घर-घर सवा लाख नवकार महामंत्र का जाप कर मनाएगा।

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खास बात यह होगी कि बड़ों के साथ बच्चों ने एक दिन पहले गोदोहासन मुद्रा (Gau Dohasan mudra) का अभ्यास किया और कैवल्य कल्याण दिवस पर गोदोहासन मुद्रा में कोरोना मुक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे और अनेक सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से देशभर में प्रचार-प्रसार करना तय किया है।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेंद्र कोचर एवं कमल भंसाली ने बताया कि साढ़े बारह वर्ष की कठोर साधना के पश्चात गोदोहासन में काउसग्ग करते हुए भगवान महावीर स्वामी को शाल वृक्ष के नीचे ऋजुबालिका नदी के तट पर सम्पूर्ण ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह पावन दिन कैवल्य महोत्सव के रूप में मनेगा। कोरोना काल के कारण घर-घर आराधना कर मनाएंगे।

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बच्चों ने अभ्यास किया
महासचिव चन्द्रेश शाह एवं विजय चोपड़ा ने बताया कि भगवान के ज्ञान प्रकाश में सकल जैन समाज कोरोना मुक्ति हेतु सवा लाख नवकार महामंत्र की आराधना उसी मुद्रा में करेगा। शुद्ध घी के दीपक या चिराग प्रज्वलित कर जैन भाई-बहनें घर पर 12 नवकार का जाप सुबह 7 से 9 बजे व शाम 6 से 7 बजे तक करेंगे। शुक्रवार को समाज के बच्चों ने वृक्ष के पास गोदोहासन मुद्रा में काउसग्ग का अभ्यास भी किया।

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