
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: छत्तीसगढ़ के अनादि को बेस्ट एडिटिंग अवॉर्ड
ताबीर हुसैन @रायपुर। राज्य के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। हाल ही में 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड की घोषणा हुई, इसमें रायगढ़ के अनादि अठाले को बॉर्डरलैंड्स के लिए बेस्ट एडिटिंग अवॉर्ड से नवाजा गया है। रायगढ़ से स्कूलिंग के बाद उन्होंने मणिपाल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी का कोर्स किया। इसके बाद एफटीटीआई पुणे से फिल्म एडिटिंग सीखी। बॉर्डरलैंड ओटीटी पर रिलीज की जाएगी। अभी पुरस्कारों की घोषणा की गई है। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संभवत: नवंबर में सम्मानित करेंगी।
ऐसे हुई शुरुआत
अनादि ने बताया, मेरे पैरेंट्स भारतीय जन नाट्य संघ से जुड़े थे, इसलिए मैं भी नाटकों में रुचि लिया करता था। साल 2004 में मुंबई से फिल्म डायरेक्टर संकल्प मेश्राम रायगढ़ आए थे। उन्होंने छुटकन की महाभारत शूट की। मैं भी वहां गया। वहीं से मेरा इंट्रेस्ट कैमरे चलाने में जागा। हमारे ही शहर के प्रभात त्रिपाठी के बेटे ने सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान से कैमरे का कोर्स किया था। मैं उनसे मिला और कोर्स के बारे में जाना। मेरे घर में पुराना कैमरा हुआ करता था। मैंने उसी से शुरुआत कर दी। मुंबई में संकल्प मेश्राम के साथ काम किया। तभी मैंने तय किया कि फिल्म एडिटिंग का कोर्स करना चाहिए। एफटीटीआई ज्वाइन कर लिया।
छत्तीसगढ़ी फिल्म बनाई, मिला स्पेशल जूरी अवॉर्ड
पढ़ाई के बाद बैचमेट के साथ मिलकर रायगढ़ में छत्तीसगढ़ी फिल्म मोर मनके भरम बनाई। इसे मैंने प्रोड्यूस और एडिट की। फिल्म को मामी इंटरनेशनल फेस्टिवल में स्पेशल जूरी अवॉर्ड मिला। तब हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ा कि हम कुछ कर सकते हैं। उस फिल्म को मामी इंटरनेशनल फेस्ट में स्पेशल जूरी अवॉर्ड हमने ह्यूमन ट्रेल नाममक प्रोडक्शन कंपनी डाली और अलग-अलग राज्यों में पांच फिल्में की। चार डॉक्यूमेंट्री बनाई। कुछ और फिल्में की।
बॉर्डरलैंड्स में ऐसे मिला मौका
डायरेक्टर समर्थ महाजन द अनरिजर्वड बना रहे थे। मैंने उनके साथ काम किया था। उन्हें मेरा काम पसंद आया। जब वे बॉर्डरलैंड्स बनाने लगे तो मुझे फिर से मौका दिया। फिल्म भारत और उसके पड़ोसी देश के इफेक्ट पर बेस्ड है। इसमें छह कहानियां हैं जिसमें से तीन पर फोकस ज्यादा है।
Published on:
27 Jul 2022 10:27 pm
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