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एक मरीज को लीवर और छह को किडनी की है जरूरत, रोटो से मिलेगी अब मदद

कैडेवर ट्रांसप्लांट: 6 अस्पताल व ट्रांसप्लांट के लिए 7 मरीज रजिस्टर्ड लेकिन डोनर नहीं, इसलिए अब 5 राज्यों से मिल सकेंगे जरूरी आर्गन- महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्यप्रदेश और केंद्र शासित राज्य दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से मिलेंगे अंग

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ऑपरेशन के दौरान केरल की महिला के पेट में छोड़ी गई चिमटी को पांच साल बाद निकाला

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रायपुर।प्रदेश में कैडेवर ट्रांसप्लांट के लिए 6 अस्पतालों काे अप्रूवल मिल गया है। वहीं 7 मरीजों ने ट्रांसप्लांट के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। इसमें एक को लीवर और छह को किडनी की जरूरत है, लेकिन इन मरीजों को डोनर नहीं मिलने से ऑर्गन नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (रोटो) द्वारा महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्यप्रदेश और एक केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से जरूरी ऑर्गन की व्यवस्था छत्तीसगढ़ को करवाई जाएगी, ताकि जरूरतमंद लोगों का ऑर्गन ट्रांसप्लांट हो सके। ये पांचों राज्य पहले से ट्रांसप्लांट कर रहे हैं। रोटो के तहत छत्तीसगढ़ को पश्चिम जोन किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई में शामिल किया गया है। इस जोन में आने वाले राज्यों को ब्रेन डेड बॉडी मिलती है। किसी आर्गन की जरूरत वहां के मरीजों को नहीं है तो उसे अन्य राज्यों से अदान-प्रदान किया जा सकता है। इस जोन में छत्तीसगढ़ के साथ ही अन्य पांच राज्यों में इन्हीं प्रदेशों को रखा गया है।
2 अन्य हॉस्पिटलों को मिला अप्रूवल

कैडेवर ट्रांसप्लांट के लिए अब छह अस्पताल पंजीकृत हो जाएंगे। एमएमआई हॉस्पिटल, रामकृष्ण हॉस्पिटल, मेडिसाइन और बालाजी हॉस्पिटल पहले ही पंजीकृत हो गए हैं। वहीं श्रीनारायणा और सुयश हॉस्पिटल को भी अप्रूवल मिल गया है। इन सभी अस्पतालों में से रामकृष्ण हॉस्पिटल से ही ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए 7 मरीजों ने पंजीयन कराया है।
यह है नियम

नियम के अनुसार इन रोटो पश्चिम जोन के इन सभी छह में से किसी एक राज्य में ब्रेन डेड डोनर मिलता है और उसके किसी आर्गन की आवश्यकता संबंधित राज्य के मरीजों को नहीं है तो वे दूसरे प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को उसे दे सकते हैं। राज्यों के जरुरतमंद मरीजों की जानकारी रोटाे के तहत पंजीकृत रहेगी। छत्तीसगढ़ में यह व्यवस्था हाल ही शुरू की गई है, लेकिन अभी तक कोई भी ब्रेन डेड बॉडी यहां नहीं मिली है।

वर्जन

ब्रेन डेड व्यक्ति किसी अस्पताल में भर्ती हैं, तो उनके परिवार की काउंसिलिंग की जाएगी। ताकि उनके अंगदान से किसी की जिंदगी बचाई जा सके। वहीं दूसरी तरफ रोटो के तहत छत्तीसगढ़ को शामिल किया गया है, जहां से जरूरी ऑर्गन मिल सकेंगे।
डाॅ. सुभाष मिश्रा, प्रवक्ता स्वास्थ्य विभाग

वर्जन
रामकृष्ण हॉस्पिटल से ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए 7 मरीजों का पंजीयन किया गया है। डोनर की तलाश है। डोनर मिलते ही जल्द ट्रांसप्लांट शुरू किया जाएगा।

- डॉ. विनित जैन, सोटो अध्यक्ष