
Public News: नवा रायपुर: दुकानें 5-10 किमी की दूरी पर, नजर नहीं आते पेट्रोल पंप
नवा रायपुर में विकास की तस्वीर चमकदार है लेकिन, जमीनी हकीकत फीकी है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) की स्थिति पर जब पड़ताल की तो पता चला कि यहां एक दुकान से दूसरी के बीच की दूरी 5 से 10 किमी है। यानी 41 सेक्टरों में सिर्फ चुनिंदा दुकानें हैं। नवा रायपुर में सड़क किनारे दुकानों के नाम पर सिर्फ वीरानियां हैं। पेट्रोल पंप दिखाई नहीं पड़ते। रास्ते में यदि पेट्रोल खत्म हो जाए तो गाड़ी को धक्का मारना लोगों की मजबूरी बन चुकी है। पत्रिका ने पड़ताल में पाया कि एनआरडीए का फोकस बड़े प्रोजेक्टों पर हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं में देरी की जा रही है।
नवा रायपुर में करोड़ों के प्रोजेक्ट हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में बसाहट कम होने की वजह से यह शहर वीरान दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार ने नवा रायपुर में 2031 तक पांच लाख लोगों के रहने का लक्ष्य तय किया गया है। एनआरडीए का दावा है कि वर्तमान में यहां 1.50 लाख की आबादी है। सेक्टर-27 और सेक्टर-29 में ही सबसे ज्यादा रहवासी हैं। बाकी सेक्टरों में रहने वाले लोगों को ऊंगलियों में गिना जा सकता है।
नवा रायपुर की वीरान सड़कों की हालत यह है कि यहां आम लोगों की जरूरतों का सामान नहीं मिलता लेकिन, एनआरडीए प्लानिंग और कंसलटेंसी में ही लाखों रुपए खर्च कर चुका है। एनआरडीए सूत्रों के मुताबिक नवा रायपुर में बीते तीन वर्षों में कंसलटेंसी के नाम पर ही 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च कर दी गई है।
इधर, एनआरडीए ने दावा किया है कि नवा रायपुर में लगातार जनसुविधाओं के लिए काम जारी है। यहां 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन आधारित जल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 10.66 किमी लंबी रिचार्ज तकनीकी पर काम किया गया है। एनआरडीए के अधिकारियों ने बताया कि राखी और उपरवारा गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। एनआरडीए परिसर में हेल्थ एटीएम की सुविधा हैं, जहां मामूली शुल्क पर 50 से अधिक जांच कराई जा सकती है। नवा रायपुर क्षेत्र में 10 से अधिक मेडिकल स्टोर और मिनी मार्केट में भी मेडिकल स्टोर हैं।
14 वर्ष पहले राज्य सरकार ने नवा रायपुर में मेट्रो रेल परियोजना को हरी झंडी दी थी। यह योजना फाइलों में कैद नजर आ रही है। मेट्रो रेल को नवा रायपुर से राजनंदगांव तक 86 किमी चलाने का लक्ष्य रखा गया था। इस सफर में मेट्रो को नवा रायपुर, रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनंदगांव तक चलाने की योजना बनाई गई थी।
बसाहट बढ़ने के साथ ही सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। आम लोगों की जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं के लिए कार्य किया जा रहा है।
Updated on:
21 Dec 2025 01:02 am
Published on:
21 Dec 2025 01:02 am
