पद्मश्री मदन चौहान और फिल्मकार सतीश जैन एल्बम सोन के नथनी के कलाकारों को सम्मानित किया
रायपुर. छत्तीसगढ़ी फिल्मों में कोरियोग्राफी करने वाले एक युवा चंदनदीप ने ऐसा गीत लिखा है जिसे लगभग 52 मिलियन व्यू मिले हैं। मेकर्स ने इस अचीवमेंट पर उन सभी कलाकारों का सम्मान किया जिन्होंने इस एल्बम में अपना योगदान दिया। संभवत: पहली बार किसी एल्बम के हिट होने पर सेलिब्रेशन किया गया है। यह एल्बम पिछले साल दिसंबर में क्रिएटिव विजन यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुआ और 158 दिन में लगभग 52 मिलियन से ज्यादा व्यू मिल चुके हैं। बतौर अतिथि पद्मश्री मदन चौहान और फिल्मकार सतीश जैन ने शिरकत की। अतिथियों ने सभी कलाकारों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। केक कटिंग सेलिब्रेशन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
150 दिन में 50 मिलियन पार करना हंसी खेल नहीं: जैन
सतीश जैन ने कहा, 50 मिलियन तक बहुत से गाने पहुंच जाते हैं लेकिन 150 दिन में 50 मिलियन पार करना हंसी खेल नहीं है। यह अपने आप में एक अद्भुत कीर्तिमान है और इसे तोडऩे में बहुत समय लग जाएगा। उन्होंने मंच पर बैठी अपनी वाइफ की ओर इशारा करते हुए कहा, ये गांव की हैं। इनकी छत्तीसगढ़ी बहुत अच्छी है। इन्होंने ही मुझे पहली बार इस गाने को सुनाया। मैंने उसमें एक नाम पढ़ा और चौंक गया। क्योंकि उस व्यक्ति के बारे में सोचा नहीं था कि ऐसा काम भी कर सकता है। और वो कोई दूसरा नहीं बल्कि कोरियोग्राफर चंदनदीप है। उसने पहला गीत लिखा और वह गाना सुपरहिट हो गया।
चार विधाओं में गाता हूं: मदन चौहान
पद्मश्री मदन चौहान नक कहा, जब किसी काम में भरपूर मेहनत की जाती है तो उसका स्वाद इसी तरह मिलता है जैसे आज सोन के नथनी को मिल रहा है। मैंने अपने कॅरियर के शुरुआती दिनों में गुल गुल भजिया खाले गीत में संगीत दिया था। बाद में मैंने गायन शुरू किया। अब मैं चार विधाओं में गाता हूं। लोक गीत, गीत, गजल और कव्वाली। हालांकि यह बहुत कठिन काम है। आजकल कलाकार एक दिन में हीरो बनने की सोचते हैं, मैं भी यही सोचकर चार विधाओं में गाने लगा।
बनाए 400 एल्बम, पहचान इसी से मिली
प्रोड्यूसर दिग्विजय वर्मा ने बताया, मैंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से बीसीए किया। इसके बाद दो साल तक हैदराबाद में टू डी, थ्री डी कैरेक्टर एनिमेशन की पढ़ाई की। एक प्रोजेक्ट में लिए रायपुर लौटा तो दोबारा हैदराबाद नहीं गया। केटीयू से इलेक्ट्रानिक मीडिया में एमएससी किया। मीडिया स्टडीज में एमफिल के बाद संगीत की दुनिया में कदम रखा। अब तक मैं लगभग 400 एल्बम बना चुका हूं। छत्तीसगढ़ की पहली एनिमेशन शॉर्ट फिल्म बनाई। शुरू से ही मेरा मकसद गीतों के जरिए छत्तीसगढ़ी संस्कृति को आगे बढ़ाना रहा है। अब तक यही एक गाना है जिसे इतनी प्रसिद्धि मिली। कम समय में तेजी से वायरल हुए गीत के चलते मेरी पहचान भी बन गई।
इनका हुआ सम्मान
गीतकार डायरेक्टर चंदन दीप, संगीतकार मनोज यादव, सिंगर डिमान सेन और कंचन जोशी, अभिनेता जीत्तू दुलरवा, अभिनेत्री शालिनी विश्वकर्मा, कैमरा एडिटर टामेश्वर देव कलाकार होमेश साहू, रिदम अरेंजर विनय ठाकुर, बांसुरी शहनाई वादक सतीश सिन्हा, मेकअप चोवा राम साहू, कलाकार हर्षिता चंद्राकर, जया , रामदेव साहू, गुरु निहाल , गीतकार दास मनोहर और चम्पेश्वरगिरी गोस्वामी।
देरी से पहुंची सिंगर कंचन
कार्यक्रम के समापन होते ही सिंगर कंचन जोशी मौके पर पहुंचीं। फिर उनके साथ भी सेल्फी लेने का दौर शुरू हो गया। इससे पहले अन्य कलाकारों के साथ उनके चाहने वाले सेल्फी ले रहे थे।