आयकर विभाग की कार्रवाई कांग्रेस ने दिल्ली से बोला हमला, मोदी-शाह ने ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और डीआरआई के बाद सीआरपीएफ को भी बनाया गठबंधन सहयोगी
रायपुर. माना हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत करने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार दोपहर राजकीय विमान से दिल्ली रवाना हो गए। शनिवार शाम खराब मौसम की वजह से उनकी यात्रा अधूरी रह गई थी। दिल्ली में राज्यसभा सांसद और छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया के साथ उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर परिस्थितियों की जानकारी दी। यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली। बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए भूपेश बघेल ने बताया, संविधान में केंद्र और राज्यों के अधिकार परिभाषित हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ऐसी कार्रवाइयों से संवैधानिक व्यवस्था को छिन्नभिन्न कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्रीय एजेंसियां अगर इतनी ही निष्पक्ष हैं तो रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह की जांच क्यों नहीं करतीं। अभिषेक सिंह का नाम तो पनामा पेपर्स में आया था। उसमें नाम आने से पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जेल हो सकती है तो अभिषेक सिंह की जांच क्यों नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा, इस मामले में वे कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। उधर दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया और राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पत्रकारों से बात की। सुरजेवाला ने कहा, पनामा पेपर्स में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के सांसद बेटे अभिषेक सिंह का नाम आया तो कोई जांच नहीं हुई। ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और डीआरआई तो मोदी जी के गठबंधन सहयोगी हैं। दुर्भाग्य से मोदी-शाह की सरकार ने इस देश की सबसे जांबाज, बहादुर और एलिट फोर्स सीआरपीएफ को भी अपना गठबंधन सहयोगी बनाने का दुस्साहस किया है। सुरजेवाला ने कहा, छत्तीसगढ़ एक माओवाद प्रभावित राज्य है। कई बार पुलिस और सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर वहां हमले हो चुके हैं। ऐसे में बिना बताए आयकर और सीआरपीएफ कर्मचारियों को वहां भेजोगे और कल कोई हादसा हो जाए तो क्या प्रधानमंत्री और गृहमंत्री उसके लिए जिम्मेदार होंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि 36 हजार करोड़ के नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले (नान), अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले आदि की जांच को प्रभावित करने के लिए यह छापेमारी की जा रही है। दोनों ने आरोप लगाया कि नान की डायरी में भ्रष्टाचार का पैसा नागपुर और भाजपा के दिल्ली मुख्यालय जाने की बात दर्ज है। बता दें कि आयकर विभाग ने 27 फरवरी को रायपुर, भिलाई और बिलासपुर में 11 लोगों के 32 ठिकानों पर छापा मारा था। वहां मिले इनपुट के आधार पर रायपुर में शराब कारोबार से जुड़े 3 अन्य ठेकेदारों के घरों पर दबिश दी गई थी।
आज 8 बजे सौम्या के घर पहुंच सकती है आईटी टीम
घर सील होने के करीब 26 घंटे बाद मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया रविवार रात सामने आ गईं। सौम्या ने भिलाई स्थित घर पहुंचकर दरवाजे पर चस्पा आयकर विभाग का नोटिस पढ़ा। उसके बाद वे पड़ोस में स्थित अपने मां के घर चलीं गईं। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया, उनकी आयकर अधिकारियों से बात हुई है। वे लोग सुबह 8 बजे तलाशी के लिए पहुंचेंगे। उनके आने पर वे घर पर मौजूद रहेंगी। सौम्या के पति सौरभ मोदी शनिवार रात की घर पहुंच गए थे। तब तक अधिकारी भिलाई से जा चुके थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे उन्होंने आयकर अधिकारियों को फोनकर तलाशी लेने के लिए बुलाया। अफसरों ने जल्दी आने कहा, लेकिन शाम तक नहीं पहुंचे। मोदी अपने सील हुए घर के बाहर दिन भर इंतजार करते रहे। वहां तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने मोदी को घर के बाहर ही रोक दिया। एनटीपीसी में इंजीनियर सौरभ मोदी ने बताया कि आयकर विभाग के छापेमारी की जानकारी उन्हें नहीं थी। दबिश दिए जाने के दौरान वह शहर से बाहर थे। जैसे ही उन्हें सूचना मिली वह भागते हुए पहुंचे हैं। उनकी पत्नी सौम्या से फोन पर शनिवार को बातचीत हुई थी। वह इस समय कहां पर है उसे जानकारी नहीं है। वह अधिवक्ताओं से सलाह लेने के बाद जल्दी ही वापिस लौटेंगी।
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शनिवार को सील हुआ था घर
आयकर विभाग के अधिकारियों ने सौम्या चौरसिया के घर के बाहर 26 घंटे तक इंतजार किया था। उसके बाद शनिवार शाम घर को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया था।
सीधी बात
सौम्या चौरसिया, उप सचिव सीएम सचिवालय
पत्रिका - आयकर के छापे की जानकारी थी आपको?
सौम्या - मुझे किसी ने सूचना नहीं दी, न ही वारंट दिया। मीडिया से जानकारी मिली।
पत्रिका - जानकारी मिल गई तो क्यों नहीं आईं?
सौम्या - टीम घर के अंदर घुस गई थी तब मैं आकर क्या करती।
पत्रिका - अब कैसे आ गईं?
सौम्या - पति ने बताया कि आयकर की टीम मेरी मौजूदगी में ही घर का दरवाजा खोलेगी। मैंने आयकर अधिकारियों से बात की है। वे लोग प्लेन से लौट रहे थे। कल सुबह 8 बजे मेरे बंगले में पहुंच जाएंगे।
पत्रिका - आयकर की टीम ने आपको क्यों टारगेट किया?
सौम्या - इस बारे में अभी जवाब नहीं दूंगी।
पत्रिका - चर्चा है कि साल भर के अंदर आपने काफी जमीन खरीदी है। कहीं इस वजह से तो छापा नहीं पड़ा?
सौम्या - मेरे पिताजी कॉलेज में प्रिंसिपल थे। साल भर पहले उनका निधन हुआ। हम लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं। जमीन खरीदा है तो उसकी रजिस्ट्री भी है। जब टीम जांच कर लौटेगी तो आप खुद देख लेना कि वह क्या लेकर जाएगी। अभी तक छापे में क्या मिला है। त्रिपाठी के घर से भी 60 हजार ही तो मिले हैं।