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रायपुर

ये पेंटिंग नहीं, जंगली जानवरों की बरसों पुरानी खाल है

18 मई को मनाया जाता है वल्र्ड म्यूजियम डे: महंत घासीदास म्यूजियम में 150 टैक्सीडर्मी, अट्रैक्टिव बने रहे इसलिए कराई क्लीनिंग, इस साल चार महीने में 12133 विजिटर्स पहुुंचे, जिसमें 20 फॉरेनर

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रायपुर. यूं तो महंत घासीदास संग्रहालय में हजारों की संख्या में बेशकीमती चीजें संग्रहित है जो राजनांदगांव रियासत के राजा के प्रयासों से 1857 में स्थापित हुआ। आज आपको यहां के टैक्सीडर्मी के बारे में बताएंगे जो 150 की संख्या में हैं। टैक्सीडर्मी यानी मृत जानवरों की खाल जिसे केमिकल के जरिए हूबहू सहेजा गया है। हाल में इसकी क्लीनिंग की गई है, ताकि इसकी चमक बरकरार रहे। संग्रहालय अध्यक्ष प्रताप पारख ने बताया, अब टैक्सडर्मी बनाने पर बैन लग चुका है। हमारा म्यूजियम काफी पुराना है। जितने भी नए म्यूजियम हैं वहां टैक्सडर्मी देखने को नहीं मिलेगा। म्यूजियम इंचार्ज रोशनी शर्मा ने बताया, इस साल चार महीने में 12133 विजिटर्स पहुुंचे, जिसमें 19 फॉरेनर हैं। 2022 में कुल विजिटर्स की संख्या 27783 थी।