यूरोलॉजी, गायनोकोलॉजी, जनरल और कोलो रेकटल कैंसर के लिए पहले हाथों से जो सर्जरी होती थी। लेकिन तब ज्यादा प्रॉब्लम वाले हिस्सों तक पहुंचना मुश्किल होता था। रोबोटिक मशीन से आंखों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा बड़ा देख सकते हैं।
संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल में रोबोटिक कैंसर सर्जरी शुरू की गई है। प्रदेश में विश्व स्तरीय एडवांस्ड कैंसर उपचार तकनीकों को प्रदेश की जनता तक उपलब्ध कराने के कैंपेन की अगली कड़ी यह सुविधा उपलब्ध की गई है। संजीवनी के डायरेक्टर एवं सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. यूसुफ मेमन और रोबोटिक सर्जरी में ट्रेंड डॉ. अर्पण चतुर्मोहता, डॉ. दिवाकर पांडेय ने बताया, संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल में छत्तीसगढ़ का रोबोटिक कैंसर सर्जरी सिस्टम की सुविधा उपलब्ध की गई है। इससे मरीजों को विश्व स्तर की अत्याधुनिक तकनीकों से कैंसर के इलाज का लाभ छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हो जाएगा।
कैसे करता है काम
रोबोट सर्जिकल मशीन को डॉक्टर खुद यूज ऑपरेट करते हैं। मशीन की तीन रोबोटिक आर्म्स होती हैं। इनमें माइक्रोस्कोपिक कैमरा, मैग्निफाइंग ग्लास और कटर होते हैं। आर्म्स 570 डिर्गी तक भी घूम सकती हैं। यूरोलॉजी, गायनोकोलॉजी, जनरल और कोलो रेकटल कैंसर के लिए पहले हाथों से जो सर्जरी होती थी। लेकिन तब ज्यादा प्रॉब्लम वाले हिस्सों तक पहुंचना मुश्किल होता था। रोबोटिक मशीन से आंखों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा बड़ा देख सकते हैं। मशीनों के आर्म्स बेहद पतले होते हैं और उनकी हेल्प से बॉडी के अंदर इलाज करना आसान हो जाता है।
डॉक्टरों ने बताया, छोटे से छोटे वेसल्स, ट्यूमर्स, रोबोट द्वारा बड़ा और स्पष्ट दिखने से मानवीय भूल होने की संभावना कम हो जाती है। रोबोटिक आर्म्स 360 डिग्री घूम पाने से निपुणता से कैंसर को हटाया जाता है। शरीर के डीप एरिया में भी रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की सहायता से आसानी से पहुंचकर कैंसर की सटीक एवं सार्थक सर्जरी की जा सकती है। सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अर्पण चतुर्मोहता ने बताया, संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल 17 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदेश में विश्व स्तर की कैंसर उपचार तकनीकों को लाने में अग्रणी रहा है।
क्या है फायदे
- नॉर्मल सर्जरी में रिकवरी में 15 दिन तक लग जाते थे। इस तकनीक से मरीज 3 दिन में ठीक हो जाता है।
- मरीजों को नॉर्मल सर्जरी के मुकाबले तकलीफ भी कम होती है।
- नॉर्मल सर्जरी में जहां 1.5 से 2 लीटर तक खून निकलता है। रोबोटिक सर्जरी में 100 से 200 मिली लीटर खून ही निकलता है।