ट्रैफिक सिग्नल नहीं: स्थायी ट्रैफिक बल भी नहीं, दिन में कई बार जाम में फंसते हैं लोग
रायपुर. हैदराबाद-दिल्ली जैसे बड़े शहरों के ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का अध्ययन करके ट्रैफिक अधिकारी लौट गए हैं, लेकिन अपने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने कोई ठोस उपाय अभी तक नहीं उठा पाए हैं। 14 ऐसे चौराहे हैं, जहां रोज कई बार जाम लग जाता है। चारों दिशा से वाहनों का आना-जाना होता है। इन स्थानों पर स्थायी रूप से ट्रैफिक जवान तैनात नहीं रहते हैं और न ही ट्रैफिक सिग्नल है। इससे बार-बार जाम की स्थिति बनती है। खासकर सुबह 10.30 से 12 बजे तक और शाम को 5 से रात 7 बजे तक ट्रैफिक जाम होता है।
ऑटोमैटिक सिग्नल लगाने का भेजा है प्रस्ताव
यातायात पुलिस ने इन स्थानों पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन पहल नहीं हो पाई है। इससे इन चौराहों पर जाम से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए जो प्रस्ताव भेजे गए हैं, उनसे संबंधित विभिन्न सामान की खरीदी मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। जैसे ब्रीथ एनलाइजर, ट्रॉली बेस सिग्नल, बॉडीवान कैमरा, एजुकेशन वैन, क्रेन आदि। 500 ई-चालान काटने बजट मिल गया है।
सतीश सिंह ठाकुर, डीएसपी-ट्रैफिक, रायपुर