काना का तालाब क्षेत्र में स्थित एक कच्चे मकान में 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने आधी रात को धावा बोला और पूरे परिवार को बेरहमी से पीटने के बाद बंधक बना लिया।
राजसमंद। पहाड़ियों के बीच बसे मोरवड़ गांव में रविवार की रात एक परिवार पर आतंक का साया टूट पड़ा। काना का तालाब क्षेत्र में स्थित एक कच्चे मकान में 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने आधी रात को धावा बोला और पूरे परिवार को बेरहमी से पीटने के बाद बंधक बना लिया। अपराधियों ने कमरे में रखी ढ़ाई किलो चांदी, सोने का मादलिया और 5 से 6 हजार रुपये नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए, और ग्रामीणों को सुबह इस वारदात की भनक लगी।
यह घटना रविवार रात करीब 2 बजे की है, जब नैनालाल भील अपने परिवार के साथ चौक में सो रहा था। अचानक नकाबपोश लुटेरों ने घर में घुसकर उन्हें काबू में कर लिया। नैनालाल, उसकी मां फेफी देवी और पत्नी गीता को लकड़ी और सरिए से बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के बाद तीनों को एक कच्चे कमरे में ले जाकर बंद कर दिया गया।
लुटेरों ने कमरे में रखे ढ़ाई किलो चांदी के जेवरात, कुछ नकदी और महिलाओं के आभूषण लूटे। जान बचाने के लिए कमरे में बंद परिवार ने मदद के लिए पुकार लगाई, लेकिन घर बाहर से बंद होने के कारण उनकी आवाज बाहर नहीं पहुंच सकी।
सोमवार तड़के लगभग 4 से 5 बजे के बीच, नैनालाल ने कच्ची दीवार की ईंटें तोड़ने की कोशिश की। घायल अवस्था में ही उसने ईंटें तोड़कर एक छोटा रास्ता बनाया और कमरे से घिसटते हुए बाहर निकला। बाहर पहुंचने के बाद वह मदद के लिए चिल्लाया, तब जाकर पास-पड़ोस के लोगों को घटना का पता चला।