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सर्द रात में अचानक मरे कौवे

सुबह पेड़ के नीचे लगा मृत पक्षियों का ढेर

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vikram ahirwar

Dec 20, 2015


रतलाम. शुक्रवार रात डीआरपी लाइन में कई कौवों की अचानक मौत हो गई। शनिवार सुबह यह पेड़ों के नीचे मृत मिले। लाइन के कर्मचारियों का कहना है कि यहां हर साल इस तरह इनकी मौत होती है। पोस्टमार्टम में कौवे के पेट में जहरीले गेहंू के दाने पाए हैं जिसे इनकी मौत का कारण माना जा रहा है। इसकी रिपोर्ट भोपाल लैब भी पहुंचाई गई है।

डीआरपी लाइन निवासरत आरआई हिन्दूसिंह मौर्य ने बताया कि दो-तीन दिन पहले भी तीन-चार कौए इसी प्रकार मरे मिले थे। हो सकता है फ्लू या कोई बीमारी के कारण मरे हो। वहीं सुरेंद्रसिंह का कहना है कि हर साल मर जाते हैं। मैदान में खुला स्थान है और सर्दी का असर भी हो सकता है। हर रात में पूरी लाइन में स्थित पेड़ों पर करीब 10-15 हजार कौए रहते हैं।

पोस्टमार्टम में होगी स्थिति स्पष्ट
बर्ड्स वाचिंग ग्रुप संस्थापक राजेश घोटीकर ने बताया कि कौवा मांसाहारी पक्षी है, वह दाने नहीं खा सकता। एक साथ मरने का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। इसके लिए मैने वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को बता दिया था। वन विभाग के उप वनमंडलाधिकारी भगवती पंवार ने बताया कि सुबह डीआरपी लाइन में कर्मचारियों को पहुंचाया था। पोस्टमार्टम करवाया गया है।

पेट में मिले गेहूं के दाने
करीब 50-60 की संख्या में कौए मरे हैं। मैने सुबह उनका पोस्टमार्टम किया था, उनके पेट से गेहूं के दाने निकले है और आंतों पर असर हुआ है। इससे प्रथम दृष्टया वे कहीं गोदाम पर गए होंगे और हो सकता है कि वहां पर उन्होंने चूहों के मारने के लिए जहर युक्त दाने रखे हो और वह खाये हो। फिर भी इनको पोस्टमार्टम के लिए भोपाल लेब पहुंचाया गया है। वहां से रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो जाएगा की आखिर किस कारण उनकी मौत हुई थी।
डॉ. नवीन शुक्ला, पशु चिकित्सक, रतलाम

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