लो अब नपने लगे झोलाछाप डॉक्टर

पत्रिका की ओर से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ चलाए जा रहे स्टिंग अभियान का अब असर नजर आने लगा है। झोलाछाप अब नपने लगे हैं। प्रशासन ने अर्से से साधी चुप्पी तोड़ अपनी पहली कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। 

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Dec 25, 2016
Ratlam News


रतलाम/सैलाना/रावटी। आम जनता को अपने पाश में फांस कर उपचार के नाम से उनसे खुली लूट खसौट करने वाले झोलाछाप अब नपने लगे हैं। प्रशासन ने अर्से से साधी चुप्पी तोड़ शनिवार को अपनी पहली कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। पत्रिका की ओर से झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ चलाए जा रहे स्टिंग अभियान का अब असर नजर आने लगा है। पहली हालांकि में सैलाना के क्लीनिक को सील किया गया, वहीं रावटी में झोलाछाप के खिलाफ पंचनामा तैयार किया है। प्रशासन की नाक के नीचे अभी भी एेसे फर्जी डॉक्टरों की दुकानें चल रही हैं। ये झोलाछाप बिना किसी डिग्री एेसे उपचार कर रहे है, जैसे वे प्रमाणित चिकित्सक हों।


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सैलाना एसडीएम आरपी वर्मा के सख्त निर्देश के बाद शनिवार को सैलाना और रावटी के मुख्य बाजारों में धड़ल्ले से इलाज की दुकानें चलाने वालों पर स्वास्थ्य अमले ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ छापामार कार्रवाई की। सैलाना में क्लीनिक सील किया लेकिन रावटी में भी क्लीनिक बंद करवाने के कुछ देर बाद फिर से शुरू हो गए। बाजना बीएमओ थाने पर रिपोर्ट दर्ज करवाने अधूरे कागजात लेकर पहुंचे थे। बीएमओ जायसवाल का कहना है कि दो दिन बाद वे प्रकरण दर्ज कराएंगे। उधर सैलाना में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

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रावटी में बीएमओ की गलती से दर्ज नहीं हुआ मामला

रावटी में स्वास्थ्य केंद्र से महज 50 कदम की दूरी पर धड़ल्ले से इलाज की दुकान चलाने वाले बंगाली डॉक्टर वासुदेव राय के क्लीनिक पर तहसीलदार जीएस परिहार के निर्देशन में टीम ने छापामार कार्रवाई की। तहसीलदार परिहार ने जब बाजना बीएमओ को कार्रवाई के लिए बुलाया तो वे पहले तो आनाकानी करने लगे और जब दबाव बनाकर बुलाया तो आए भी लेकिन पंचनामा बनाने के बाद वे वहां से रिपोर्ट दर्ज करवाने जाने के लिए बहानेबाजी करने लगे। पुलिस थाने पहुंचे तो आधे-अधूरे कागजात लेकर पहुंचे। इस पर थाना प्रभारी सुरेश बलराज ने उन्हें पूरे दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट दर्ज करवाने की बात कही तो वे वहां से चले गए। साथ ही कहते गए कि अब दो दिन बाद हम रिपोर्ट दर्ज करवाने आएंगे। पंचनामा बनाने के बाद क्लीनिक को बंद तो करवा दिया लेकिन एक घंटे बाद बंगाली डॉक्टर फिर से अपनी दुकान सजाकर बैठ गया।

दस्तावेज नहीं दिखा पाया मिलनकांत

सैलाना में बस स्टैंड के नजदीक ही एक मार्केट में बिना डिग्री के इलाज की दुकान चलाने वाले फर्जी डॉक्टर मिलनकांत बैरागी के यहां स्वास्थ्य अमले ने प्रशासन के अमले के साथ कार्रवाई की। सैलाना टीम में बीएमओ डॉ. शैलेष डांगे, डॉ. कमल किशोर, डॉ. एमएल वर्मा और प्रशासन की तरफ से नियुक्त पटवारी और पुलिस जवान कार्रवाई के लिए पहुंचे। एलोपैथी में इलाज करने के दस्तावेज मांगने पर वह कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पाया। जो दस्तावेज दिखाए वे इलेक्ट्रो होम्योपैथी के थे जो यहां मान्य नहीं हैं। इस पर क्लीनिक में मौजूद सारी दवाइयों को जब्त करके इसे सील कर दिया गया। सैलाना थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय ने बताया डॉ. कमल किशोर प्रजापति सेक्टर इंचार्ज की रिपोर्ट पर सैलाना पुलिस ने 24 मप्र राज्य आयुविज्ञान परिषद एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। सैलाना एसडीएम वर्मा लगातार डॉक्टर, तहसीलदार महेश सोलंकी और अन्य कर्मचारियों से संपर्क में रहे और पुख्ता कार्रवाई के निर्देश देते रहे।

बख्शा नहीं जाएगा

बंगाली या फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज की दुकानें चलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सैलाना में एफआईआर दर्ज हो गई है जबकि रावटी में बीएमओ ने दस्तावेजों में कमी छोड़ी है तो उनसे जवाब तलब किया जाएगा। आम जनता की जान से खिलवाड़ नहीं करने देंगे।

आरपी वर्मा, एसडीएम सैलाना

एफआईआर दर्ज कराई जाएगी

झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई। उसके क्लिनिक पर दवाइयां कम थी और जो डिग्री वह बता रहा था उसकी फोटोकापी थी। असल डिग्री मंगाई है और इसके बाद उसके खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कार्रवाई लगातार की जाएगी।

जितेंद्र जायसवाल, बीएमओ बाजना
Published on:
25 Dec 2016 10:02 am
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