
हिंदू धर्म में रामचरितमानस का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। रामचरित मानस एक पवित्र ग्रंथ के साथ-साथ मानव जीवन के लिये भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई बार हमारे जीवन में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जिनके कारण हम बहुत कमजोर पड़ जाते हैं और उसका सामना करने में हम कुछ सोच नहीं पाते। ऐसे में कभी कभी हमारे धर्म ग्रंथ हमारी मदद कर सकते हैं। जी हां, रमाचरित मानस में चौपाईयों की मदद से हम अपने जीवन की कठिनाईयों से आसानी से निकल सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे...
रमाचरित मानस में प्रभु श्री राम के संपूर्ण की जीवन से व्यक्तियों को कुछ ना कुछ सीख जरुर मिलती है। रामायण में चौपाईयां हमें सीख देने के साथ-साथ हमारे दुखों और कष्टों से निपटने का रास्ता भी दिखाती हैं। वहीं हर मनोकामना की पूर्ति भी करती हैं। विजयदशमी के पावन पर्व पर रामचरितमानस की चौपाईयों में से किसी एक को मंत्र मानकर श्रद्धापूर्वक जपने से जरूर ही इच्छा पूरी होती है।
ऐसे करें चौपाईयों को सिद्ध
रामचरित मानस के दोहे-चौपाईयों को सिद्ध करने के लिए दशहरे के दिन स्नान आदि कर स्वच्छ होने के बाद अष्टांग हवन के बाद चौपाईयां सिद्ध करें। इसके बाद जिस कार्य के लिये मानस का दिव्य मंत्र आप सिद्ध कर रहें हों, उसके लिए नित्य एक माला जप करें।
श्रीरामचरितमानस के सिद्ध मंत्र
तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहि त्रिसिरारि।।
सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान।।
मोरि सुधारिहि सो सब भाँती। जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती॥
मांडवी, श्रुतकी, रति, उर्मिला कुँअरि लई हंकारि कै।।
जे सकाम नर सुनहि जे गावहि। सुख संपत्ति नाना विधि पावहि।।
दीनदयाल बिरिदु सम्भारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना।।
Published on:
03 Oct 2019 03:27 pm

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