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कीमती माणिक्य धारण करना नहीं है संभव तो व्यापार और नौकरी में सफलता के लिए इस उपरत्न को कर सकते हैं धारण

Astrology Gemstone: माणिक्य का लाल रंग का ये उपरत्न विद्यार्थी, व्यवसायियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए धारण करना बहुत लाभकारी माना जाता है।

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कीमती माणिक्य धारण करना नहीं है संभव तो व्यापार और नौकरी में सफलता के लिए इस उपरत्न को कर सकते हैं धारण

ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह से संबंधित एक रत्न और सभी रत्नों से संबंधित कई उपरत्न बताए गए हैं। रत्नों के कीमती होने के कारण बहुत से लोगों के लिए इन्हें धारण करना संभव नहीं होता। ऐसे में उपरत्नों को धारण करना भी जातक के लिए उतना ही प्रभावशाली माना गया है। माणिक्य रत्न के प्रमुख उपरत्नों में से एक रेड टर्मेलाइन यानी लाल तुरमली रत्न भी काफी फलदायी होता है। आइए जानते हैं इस रत्न के लाभ और धारण करने का तरीका...

तुरमली रत्न के फायदे

1. जिन लोगों की कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर होता है। उन लोगों को तुरमली रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। यह रत्न कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करके जातक के मान-सम्मान, यश और सुख-सौभाग्य में वृद्धि करता है।

2. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रेड टर्मेलाइन यानी लाल तुरमली रत्न को धारण करने से व्यक्ति को व्यापार, व्यवसाय अथवा नौकरी और कोर्ट-कचहरी आदि से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है।

3. रेड टर्मेलाइन यानी लाल तुरमली रत्न को धारण करने से विद्यार्थियों की स्मरणशक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, जिससे वे अपनी शिक्षा और करियर में बेहतर प्रदर्शन करके सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

4. अगर आपके कार्यों में बार-बार बाधाएं आ रही हों और व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो तब भी तुरमली रत्न धारण करना शुभ माना जाता है। इससे आपके कार्यों में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। और जीवन की नकारात्मकता मिट जाती है।

कैसे धारण करें तुरमली रत्न: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन सुबह तुरमली रत्न को धारण करना शुभ माना जाता है। इसके लिए आप ज्योतिषीय सलाह से बुधवार के दिन सुबह शुभ मुहूर्त में चांदी की अंगूठी में जड़े हुए इस रत्न को धारण करने से पहले शुद्ध कर लें। इसके बाद तुरमली रत्न को अपने दाएं हाथ अनामिका या कनिष्ठा उंगली में धारण कर लें।
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