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दोमंजिला भवन में भड़की आग, वृद्ध दंपती की मौत, घर-दुकान हुई राख

-देवरी के बजरिया बाजार में स्थित भवन में लगी आग बुझाने में जुटी रही 4 दमकल

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सागर

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Sanjay Sharma

Mar 28, 2023

सागर. भीषण अग्रि दुर्घटना की चपेट में आने से सोमवार देर रात जिले के देवरी में वृद्ध दंपती जिंदा जल गए। घंटों तक धधकती रही आग ने दो मंजिला भवन के निचले तल पर स्थित दो दुकानों को भी भस्म कर दिया। तड़के 4 बजे भवन को आग की लपटों में घिरा देख लोगों द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस ने चार जगह से दमकल बुलाकर आग को बुझाना शुरू किया। दमकलकर्मी लगातार पानी बरसाते रहे जिसके चलते सुबह 8 बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझने के बाद पुलिस ने ऊपरी मंजिल में रहने वाले वृद्ध पति- पत्नी के अधजले शव बरामद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया पुलिस दुकानों में आग लगने की वजह की पड़ताल कर रही है।

जानकारी के अनुसार देवरी के बजरिया बाजार में 72 वर्षीय रामेश्वर नेमा का दोमंजिला मकान है। जिसके निचले तल पर रेस्टॉरेंट और कपड़े की दो दुकान नेमा ने किराए पर दी थीं। उनका इकलौता पुत्र नवीन नेमा मंदसौर जिले के गरोठ स्थित उपजेल में जेलर के रूप में पदस्थ है। शहर से बाहर रहती हैं। इस वजह से इस भवन में रामेश्वर नेमा और उनकी पत्नी जानकी नेमा (70) ही रहते थे। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे लोगों ने नेमा के भवन को आग की लपटों में घिरा देखा। आग नीचे की दुकानों से लेकर ऊपर नेमा के आवास तक फैली हुई थी। लोगों ने इसकी खबर थाने को दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग पर नियंत्रण के लिए देवरी के अलावा रहली, सुरखी और सागर से भी दमकलेें बुलाई गईं।

टीआई उपमा सिंह ने बताया आग इतनी भीषण थी कि पूरा भवन लपटों से घिरा था और उसके फैलने की आशंका से आसपास के भवनों में रहने वाले भी घबराए हुए थे। आग लगने की खबर के बाद कुछ ही देर में हड़कंप मच गया और लोगों की नींद खुल गई। अफरा-तफरी जैसी स्थिति के बीच पुलिस ने दमकलकर्मियों के साथ मोर्चा संभाला और लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की लपटें बार- बार भभकने की वजह से चार दमकलों को एक साथ लगाकर पानी की बौछारे शुरू की गई जिसके बाद भी उसे बुझाने में करीब 4 घंटे लग गए। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे आग को पूरी तरह शांत किया जा सका। हांलाकि इस दौरान नीचे दुकान और ऊपर नेमा के आवास में लगभग हर सामान राख में बदल चुका था।

– नींद में चली गई दंपती की जान :

बजरिया बाजार में आग पर काबू पाने के बाद पुलिस जब ऊपरी मंजिल पर पहुंची तो कमरे में रामेश्वर नेमा और उनकी पत्नी जानकी के शव अधजली हालत में अलग- अलग कमरों से मिले। उन्हें देखकर धुएं की वजह से सोते समय ही दम घुटने से दोनों की मौत का अंदेशा है। पुलिस ने दोनों शव बरामद कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाए जहां से उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। भवन में लगी आग को बुझाने की कार्रवाई के दौरान एसडीएम शैलेन्द्र सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने थाना प्रभारी उपमा सिंह से अग्नि दुर्घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस के अनुसार भवन में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा है। दुर्घटना में वृद्ध दंपती की मौत हुई है जबकि उनके घर के अलावा नीचे स्थित दो दुकानों में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम कराते हुए मामला जांच में लिया है।