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मधुर तिवारी@सागर. लोकसभा चुनाव में जुमलेबाजी, चोर-चौकीदार के बीच चुनावी स्टंट की भी खबरें आने लगी हैं। ऐसी एक खबर आई मथुरा से बीते रविवार को। अपने संसदीय क्षेत्र में ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी खेतों में पहुंचीं और फसल काटी। तब से उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं और लोग सोशल मीडिया पर चटकारे लगा रहे हैं। इस बीच पत्रिका ने ग्राउंड रिपोर्ट कर जाना कि फसल काटना कितनी मेहनत का काम है और इसके लिए क्या तैयारी करनी पड़ती है।
सागर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर मंगलवार को हम पथरिया जाट गांव के खेतों में पहुंचे। दोपहर का लगभग एक बज रहा था। तापमान 40 डिग्री के आसपास होगा। चिलचिलाती धूप असहनीय हो रही थी। एेसे में सड़क से कुछ दूरी पर महिलाएं गेहूं की फसल काटते नजर आईं। खेत में पहुंचकर हमने उन्हें हेमा मालिनी की फसल काटती कुछ तस्वीरें दिखाईं और उनसे उनका गेहूं कटाई का अनुभव जानने का प्रयास किया। महिलाओं का कहना था कि खेतों में काम करना कोई हंसी खेल नहीं है। यह सब तो लोग फोटो खिंचवाने के लिए कर लेते हैं। यहां खेतों पर आकर फसल काटना तो दूर पांच मिनट इस धूप में खड़ी भी हो जाएं तो बीमार पड़ जाएंगी।
छिल गए पूरे हाथ
कटाई कर रहीं पथरिया निवासी सुहागरानी राजपूत व गुलाबरानी रजक ने बताया कि वे करीब दो दशक से कटाई का काम कर रही हैं। सीजन आते ही गांव के आसपास लगे खेतों में गेहूं के अलावा, चना, मसूर, सोयाबीन आदि की कटाई भी करतीं हैं। सभी फसलों में गेहूं और सोयाबीन की कटाई सबसे कठिन होती है। सोयाबीन का तना काटने में मेहनत लगती है तो यहां गेहूं की फसल काटने के साथ बांधनी भी पड़ती है। दोनों फसलों में हाथों की हालत खराब हो जाती है। कटाई के दौरान हंसिए से हाथ कट जाता है तो फांस से पूरे हाथ छिल जाते हैं।
एेसे करते हैं तैयारी
महिलाओं ने बताया कि कटाई के पहले वे अपने हंसिए में धार लगाती हैं। यह कटाई के दौरान भी करना पड़ता है नहीं तो फसल काटने में मेहनत लगती है। सिर पर, मुंह पर कपड़ा आदि बांधना पड़ता है। ऐसा नहीं करेंगे तो गेहूं की बालियां बालों में फंस जाती हैं। महिलाओं का कहना था कि हेमा मालिनी बाल खोलकर जैसे कटाई करते फोटो में दिख रहीं हैं एेसे कटाई नहीं होती। हां, फोटो जरूर खिंचवा सकते हैं।
Published on:
03 Apr 2019 07:11 am
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