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नील गाय उजाड़ रहीं फसल, किसानों को रतजगा कर करनी पड़ रही रखवाली

किसानों ने रिफाइनरी की बाउंड्री बन जाए तो समस्या हो जाएगी खत्म

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Neel cows are destroying crops, farmers have to stay awake till night to guard them.

फसलों को खराब करती नील गाय

बीना. मौसम अनुकूल होने से अभी तक रबी फसलें अच्छी हैं, लेकिन क्षेत्र में कई जगह जंगली जानवरों ने किसानों की परेशानी बड़ा दी है। फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसान रतजगा करने मजबूर हैं।
ग्राम भांकरई, पुरैना, आगासौद सहित अन्य गांवों में नील गायों के झुंड फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे किसानों को रतजगा कर रखवाली करनी पड़ रही है। जहां से गायों के झुंड निकलते हैं, वहां फसल खराब हो जाती है। दिन में नील गाय रिफाइनरी के ग्रीन बेल्ट में लगे घने पेड़ों के बीच छिप जाती हैं और रात के समय यह फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं। यदि यहां रिफाइनरी प्रबंधन ऊंची बाउंड्रीवॉल बना दे, तो समस्या हल हो सकती है। किसान गजेन्द्र सिंह ने बताया कि नील गायों के झुंड फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल खाने के साथ-साथ कुचलने से खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि नील गायों को छिपने रिफाइनरी का ग्रीन बेल्ट सुरक्षित जगह बन गई है और यहां बाउंड्रीवॉल न होने से वह रात को बाहर निकलकर फसलों खराब करती हैं। यदि बाउंड्रीवॉल बन जाए, तो फिर गायों का झुंड बाहर नहीं आ पाएगा। अभी फसलों को सुरक्षित रखना किसानों के लिए मुश्किल हो रहा है। करीब पांच वर्षों से यह समस्या बनी हुई है और इसकी जानकारी वन विभाग को होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं, जंगली जानवरों से फसलों के खराब होने पर मुआवजा भी नहीं मिल पाता है। गौरतलब है कि क्षेत्र में जंगली सुअर, हिरण, नील गायों की संख्या ज्यादा होने से किसान परेशान हैं। पिछले दिनों सेमरखेड़ी के किसान ने जंगली सुअर से फसल खराब करने की शिकायत की थी, लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है।

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