
शिविर में समस्या बताते हुए लोग
बीना. तहसील प्रांगण में मंगलवार को जन शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विधायक निर्मला सप्रे, नपाध्यक्ष लता सकवार, एसडीएम देवेन्द्र प्रतापसिंह, जनपद सीइओ राजेश पटैरिया, सीएमओ रामप्रकाश जगनेरिया के अलावा करीब एक दर्जन से ज्यादा विभागों के अधिकारी, कर्मचारी शिविर में शामिल हुए। लेकिन इस शिविर में महज 33 शिकायतें ही आई है। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि इस शिविर की जानकारी लोगों को नहीं थी।
मंगलवार को तहसील प्रांगण में जनशिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। लेकिन इस शिविर में केवल 33 शिकायतें ही आईं हैं। जबकि इसमें लगभग सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ताकि लोगों का मौके पर ही समस्या का निराकरण किया जा सके। शिविर के लिए बकायदा रुपए खर्च करके टेंट लगाया गया और लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की गई, लेकिन इसमें शिकायत करने वाले लोग न के बराबर पहुंचे। दरअसल शिविर अचानक आयोजित किया गया और इसका सही ढंग से प्रचार-प्रसार न तो शहर में किया न ही ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ। मंगलवार को जिस व्यक्ति को शिविर लगने की तुरंत जानकारी लगी केवल वहीं लोग ही मौके पर पहुंचे थे। इसलिए इस शिविर का ज्यादा लोगों के लिए लाभ नहीं मिल सका।
यह आईं शिकायतें
शिविर में जो शिकायतें आई है उसमें एक शिकायत कोटवार संघ के लोग तहसीलदार के खिलाफ ही लेकर पहुंचे और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। कोटवारों ने शिविर में विधायक व एसडीएम से शिकायत की है कि तहसीलदार कोटवारों से झाड़ू-पोंछा का काम करवाते हैं। वहीं एक कोटवार ने तहसीलदार पर पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। वहीं बेरखेड़ी माफी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि कुछ लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से उसे मृत घोषित कराके उसकी पत्नी का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया है, जबकि उसकी पत्नी उसके साथ नहीं रहती है।
सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की
शिविर में सबसे ज्यादा 21 शिकायतें राजस्व विभाग की आई हैं। वहीं पुलिस विभाग की एक, नगरपालिका की छह, जनपद पंचायत की चार, पीएचई विभाग की एक सहित कुल 33 शिकायतें लेकर लोग शिविर में पहुंचे।
Published on:
16 Oct 2024 12:53 pm

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