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जिस बीपी टैंक से शहर को पीने का पानी जाता है वहां नहा रहे थे लोग, फिर ये हुआ

लापरवाह उपयंत्री निलंबित, निगमायुक्त ने राजघाट और डुगडुगी पहाड़ी, का किया निरीक्षण

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People who were bathing in the BP tank Action of nagar corporation

People who were bathing in the BP tank Action of nagar corporation

सागर. राजघाट रोड पर स्थित डुगडुगी पहाड़ी के मामले में जलप्रदाय विभाग में पदस्थ लापरवाह उपयंत्री राजसिंह राजपूत को निगमायुक्त अनुराग वर्मा ने निलंबित कर दिया है। शनिवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ निगमायुक्त वर्मा ने डुगडुगी पहाड़ी का निरीक्षण किया, जहां पर उन्हें बीपी टैंक की सुरक्षा में लापरवाही मिली। यहां पर स्थानीय लोग टैंक को टब के रूप में उपयोग कर रहे थे और उसमें नहाने के साथ कपड़े तक धोते थे। निगमायुक्त ने निरीक्षण के दौरान बीपी टैंक की ब्लीचिंग पाऊडर से सफाई कराने, फेंसिंग ठीक करने, टैंक में उतरने वाली सीढ़ी को तत्काल हटाने और फिर टैंक को बंद करने के निर्देश दिए। टैंक में सफाई कार्य हो सके, इसलिए उसके ऊपर लोहे का ढक्कन भी रखवाने के निर्देश दिए।
मानसून तक साथ
दे देगा राजघाट
डुगडुगी पहाड़ी के बाद निगमायुक्त वर्मा ने राजघाट बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंप हाऊस पहुंचकर बांध का जलस्तर देखा। शनिवार को ५०८.४८ मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया। उन्होंने बताया कि मानसून आने तक राजघाट से पेयजल की आपूर्ति शहर को होती रहेगी। शहरवासियों को पेयजल के नाम पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त डॉ.प्रणय कमल खरे, कार्यपालन यंत्री विजय दुबे, सहायक यंत्री राजकुमार बिल्थरिया, उपयंत्री राजसिंह राजपूत, अकील खान समेत जलप्रदाय विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

जपं अध्यक्ष ने सीइओ पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
सागर. जनपद पंचायत सागर द्वारा शुक्रवार को मकरोनिया के रजाखेड़ी में आयोजित अंत्योदय मेला विवादों में घिर गया है। कारण बिना जनप्रनिधियों के साथ बैठक किए और बिना निविदा के आयोजन करना है। सीइओ मंजू खरे के खिलाफ भ्रष्टाचार और शासकीय राशि के दुरुपयोग को लेकर यह शिकायत जनपद अध्यक्ष छोटे सिंह ने प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता से की है। शिकायत में मेले का भुगतान रोक जांच कराने की भी मांग की गई है। जिस पर मंत्री गुप्ता ने कलेक्टर द्वारा कार्रवाई कराने का आश्वासन
दिया है। अंत्योदय मेले के आयोजन के लिए सरकार द्वारा तीन लाख रुपए की राशि का आवंटन किया जाता है। इसके बाद जपं सीइओ व एसडीएम की उपस्थिति में जपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सभी सदस्यों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाती है। इसके बाद मेले में लगने वाले टेंट व हितग्राहियों के खाने-पीने सहित अन्य व्यवस्थाएं करने के लिए जपं द्वारा एक निविदा जारी की जाती है। जिसमें सबसे कम दर पर काम करने वाले व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन शुक्रवार को हुए अंत्योदय मेले में न तो जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई और न ही निविदा जारी की
गई है।
आरोप निराधार
&मुझ पर यह लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। मैंने नियमानुसार ही आयोजन किया है। सभी को आमंत्रण थे। कुछ लोग व्यक्गित काम न होने के कारण मुझे फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।
मंजू खरे, सीइओ, जनपद सागर