सागर. बाल विवाह रोकने गई पुलिस की विशेष किशोर इकाई को गुरुवार रात बहरोल में परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों ने नाबालिग दुल्हन और दूल्हे को गायब कर दिया और तलाश करने पर पुलिस और किशोर इकाई से झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ते देख किशोर इकाई पंचनामा बनाकर विवाह स्थल से वर-वधु के जोड़े जब्त कर वापस लौट आई। उधर गुरुवार रात किशोर इकाई को महिला बाल विकास विभाग द्वारा पल्ला झाडऩे से अकेले ही देवरी क्षेत्र में बाल विवाह रोकना पड़ा।
थाने से गई पुलिस को दिया झांसा, किशोर इकाई पहुंची तो झगडऩे लगे:
जानकारी के अनुसार गत दिवस डायल-100 पर गांव के बाल विवाह की सूचना दी गई थी। इस पर बहरोल थाने से प्रभारी कविता द्विवेदी विवाह स्थल पर पहुंच गईं। पहले से परिजन टाल-मटोल करते रहे लेकिन थाना प्रभारी की सख्ती देख उन्हें झांसा देकर दूल्हा- दुल्हन को वहां से गायब कर दिया। शादी टालने का भरोसा दिलाकर दो अन्य लोगों को पुलिस के साथ थाने भेज दिया। इस बीच लगने लगने पर किशोर इकाई में तैनात ज्योति तिवारी अपने सहकर्मियों के साथ बहरोल पहुंची। परिजन और रिश्तेदार दोबारा पुलिस को देख विवाद करने लगे। इस बीच किशोर इकाई ने तलाश की तो कमरे में शादी की रस्म होने और दूल्हा- दुल्हन के फेरों वाले जोड़े मिल गए। कई बार पूछताछ और समझाइश के बाद भी विवाद की स्थिति देख ज्योति तिवारी वहां से लौट आईं। यहां 18 साल के युवक का विवाह दमोह जिले से लाई गई 14 वर्षीय किशोरी से कराया जा रहा था। दोनों की आयु विवाह के लिए तय वर्ष से कम थी।
देवरी में जयमाला के बाद रोका विवाह :
विशेष किशोर इकाई में तैनात ज्योति तिवारी के अनुसार गुरुवार रात बाल विवाह की सूचना पर वे अपनी टीम के साथ देवरी पहुंची थीं। इसकी सूचना महिला एवं बाल विभाग को भी दी गई लेकिन उनका कोई सहयोग कार्रवाई में नहीं मिला। किशोर इकाई और स्थानीय पुलिस ने विवाह स्थल की तलाश की और रात करीब एक बजे जब वे पहुंचे तो वरमाला का कार्यक्रम हो चुका था और फेरों की तैयारी हो रही थी। यहां भी परिजनों ने ना-नुकर की लेकिन सूचना पुख्ता होने की वजह से पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी दी तब परिजन शादी टालने तैयार हुए। यहां 15 साल की किशोरी का विवाह ईसापुर से बारात लेकर आए 35 साल के युवक से कराया जा रहा था।