जिम्मेदार विभाग के अफसर बेखबर
सागर/रजवांस. मनरेगा के तहत वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन को रोकने करोड़ों रुपए का खर्च किए जाते हैं, लेेकिन पंचायतों द्वारा स्थानीय स्तर पर भी मशीन का उपयोग कर इन निर्माण कार्यों को करा दिया जाता है।
लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए सरकार ने जल संरक्षण व संवर्धन करने की योजना बनाई है। जनपद पंचायत मालथौन की ग्राम पंचायत हड़ली के मड़ावन मार में जलस्तर बढ़ाने के लिए मनरेगा के तहत नदी, नालों एवं बरसात के पानी को एकत्रित करने स्टप डैम बनाने लाखों रुपए की राशि आवंटित की गई थी, लेकिन ठेकेदार, सरपंच की मिलीभगत लाखों रुपए की राशि बंदरबांट करने में लगे हैं। कोई भी कार्य एस्टिमेंट के हिसाब से नहीं हो रहा है और घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हड़ली के मड़ावन मार में स्टाप डैम निर्माण 12.25 लाख रुपए की राशि से किया जा रहा हैं, जिसमें अकुशल श्रम पर व्यय 5.20 लाख रुपए एवं सामग्री पर व्यय 7.5 लाख रुपए की राशि से ग्राम पंचायत के द्वारा कराया जाना था। पंचायत सचिव की जानकारी के बिना सरपंच ने कार्य ठेकेदार को सौंप दिया है, जिसमें गुणवत्ताहीन काली डस्ट, बेस निर्माण के बीचों-बीच में पत्थर, घटिया सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा हैं। घटिया निर्माण से ग्रामीणों में असंतोष है। इसकी शिकायत जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेंद्र ङ्क्षसह ने सीइओ संजय ङ्क्षसह व सहायक यंत्री सुनील उइके से की है। उन्होंने जांच कर निर्माण राशि को रोकने और कार्रवाई न होने पर मंत्री, कलेक्टर से शिकायत की जाएगी। यह पंचायत पिछली पंचवर्षी में नंबर आने पर सम्मानित हो चुकी है। इस संबंध में सीइओ मालथौन ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने पर जो भी गुणवत्ताहीन कार्य सामने आएगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।