
The voices of the people suppressed by the leaders
सागर. शहर की एकता कॉलोनी में लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग ने बड़े स्तर पर निर्माण कार्य में लापरवाही की है। सीवर के चैंबर बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे से पानी निकाले बिना ही उसमें ईंट व सीमेंट की जुड़ाई कर दी। स्थानीय लोगों ने इस अव्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाने की कोशिश की लेकिन नगर निगम के नेताओं की दखल होने के कारण उनकी आवाज को दवा दिया गया। नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि क्षेत्र में एेसे कई चैम्बर बनाए गए हैं जिनमें खुदाई के वक्त से ही पानी निकल रहा है। एजेंसी के कर्मचारियों ने इस पानी को पंप की सहायता से निकाला ही नहीं और वैसी ही स्थिति में ईंट व सीमेंट से चैम्बर खड़ा कर दिया। इतना ही नहीं चैम्बर बनाने में सीमेंट व रेत का अनुपात भी लगभग १-१४ के आसपास रखा है।
मटेरियल इंजीनियर को बचाने का प्रयास
पिछले दिनों शहर में सीवर प्रोजेक्ट के निरीक्षण के दौरान ईएनसी प्रभाकांत कटारे ने निगम अफसरों व एजेंसी के पदाधिकारियों को लापरवाही पर जमकर फटकार लगाई थी। इस मौके पर उन्होंने घटिया निर्माण कार्य व विषय की जानकारी न होने के कारण मटेरियल इंजीनियर अर्जुन ठाकुर को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन सूत्रों की माने तो ईएनसी के द्वारा दिए गए निर्देश के मिनट्स से यह बात गायब ही कर दी गई है ताकि मटेरियल इंजीनियर को बचाया जा सके।
पत्रिका व्यू- चापलूसी में लगे जिम्मेदार
सीवर कार्य में हर वार्ड से हर दिन खामी सामने आ रही है लेकिन निगम में बैठे कुछ खास लोग ठेकेदार की चापसूली करने में लगे हैं। शहर की जिस जनता ने उन्हें चुना था, उसको भूलकर ठेकेदार व योजना के गुणगान करने में लगे हैं। सूत्रों की माने तो ठेकेदार के हर बिल के भुगतान पर एक मोटा कमीशन दिया जाता है, जिसके कारण जिम्मेदारों के मुंह पर पैसों का ताला लग गया है।
Published on:
25 Feb 2018 04:08 pm
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