
Namo
नरयावली नाका मुक्तिधाम में तैयार किया गया था नमो वन, लाखों रुपए हो गए बर्बाद
सागर. जिले के अधिकारी-कर्मचारी मानो हरियाली के दुश्मन बन बैठे हैं। नरयावली नाका मुक्तिधाम में करीब तीन माह पहले नगर निगम प्रशासन की ओर से नमो उद्यान तैयार कराया गया था। यहां पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों ने सैकड़ों पौधों का रोपण किया था लेकिन परिसर में आज एक भी पौधा जीवित नहीं बचा है। हरियाली को लेकर जिम्मेदार कैसे लापरवाही कर रहे हैं, इसकी हकीकत पत्रिका के कैमरे में कैद हुई तस्वीरें खुद ही बयां कर रहीं हैं।
नरयावली नाका मुक्तिधाम में मयावाकी पद्धति से पौधों का रोपण किया गया था और उन्हें इसी पद्धति से आगे बढ़ाना था। परिसर में आकर्षक प्रवेश द्वार बनाया गया था और पीपल, बरगद, नीम, आंवला और कचनार जैसे पर्यावरण के अनुकूल पौधे लगाए गए थे। विशेष रूप से तुलसी के पौधों के लिए अलग से तुलसी वन विकसित करने की भी बात सामने आई थी।
बताया जा रहा है कि नमो उद्यान में पौधरोपण के बाद नगर निगम के जिम्मेदारों ने दोबारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जिसके कारण पौधे सूख गए। उन्हें दो-तीन बार पानी मिल जाता, तो शायद कुछ पौधे हरे-भरे भी हो जाते।
1- ऐसे बनाया गया था आकर्षक प्रवेश द्वार।
2- पर्यावरण अनुकूल पौधों को ईंटों के जरिए अलग से किया था चिन्हित।
3- पांच-छह फीट के पौधे ऐसे डंठल में बदल गए।
4- पौधे गायब हो गए, सिर्फ पेवर ब्लॉक्स ही नजर आ रहे।
नमो उद्यान के पौधे अच्छे से विकसित हो सकें, इसके लिए हमने पानी की व्यवस्था भी की थी। पानी की व्यवस्था के लिए हमने बोरिंग भी कराई थी। देखते हैं कि वहां पर क्यों पौधे सूख गए।
- राजकुमार खत्री, निगमायुक्त
Updated on:
17 Jan 2026, 7:03 PM IST
Published on:
17 Jan 2026, 7:03 PM IST
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