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VIDEO: वसीम रिजवी के मुसलमानों के हरे झंडे पर विवादित बयान से नाराज हुए देवबंदी उलेमा, बोले- हमारे बड़ों का खून…

खबर की मुख्य बातें- -शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने एक वीडियो जारी किया -जिसमें उन्होंने विवादित बयान दिया कि हरे झंडे को इस्लामिक झंडा बताने वाले लोगों को देश के गद्दार हैं -उनके इस बयान पर अब देवबंदी उलेमा नाराज हो गए हैं
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सहारनपुर

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Rahul Chauhan

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Updated: 13 Aug 2019, 7:10 PM IST

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VIDEO: वसीम रिजवी के मुसलमानों के हरे झंडे को लेकर विवादित बयान से नाराज हुए देवबंदी उलेमा, बोले- हमारे बड़ों का खून...

देवबन्द। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने मंगलवार को एक वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि हरे झंडे को इस्लामिक झंडा बताने वाले लोगों को देश के गद्दार हैं। मुसलमानों को अपने घरों की छत पर हरे रंग का चांद तारे वाला झंडा नहीं, तिरंगा लगाना चाहिए। उनके इस बयान पर अब देवबंदी उलेमा नाराज हो गए हैं।

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इस पर उलेमा ने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान सिर्फ तिरंगे से ही मोहब्बत करता है। मुसलमानों का कोई अपना झंडा नहीं है। उनका सिर्फ तिरंगा ही झंडा है और वह तिरंगे झंडे से मोहब्बत करते हैं। क्योंकि देश को आजाद कराने के लिए हमारे उलेमाओं और हमारे बड़ों का खून इस जमीन में शामिल है। इसीलिए हम अपने तिरंगे और हिंदुस्तान से मोहब्बत करते हैं।

देवबन्दी आलीम मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि वसीम रिजवी का जो बयान आया है तो उन्हें बता दें कि मुसलमानों का कोई झंडा नहीं है। मुसलमानों का अगर झंडा है तो वह तिरंगा है। मुसलमान तिरंगे और राष्ट्रगान से मोहब्बत करता है। अंग्रेज जैसी नापाक कौम को भगाने के लिए हमारे उलेमाओं और हमारे बड़ों ने यहां कुर्बानियां दी हैं। जहां तक जो हरे झंडे का ताल्लुक है वह अलग-अलग पार्टियों के अलग-अलग तंजीमों में निशान हैं।

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उन्होंने कहा कि जिस तरीके से बीजेपी का निशान कमल का फूल है, समाजवादी का निशान साइकिल का है। इसी तरीके से मायावती का निशान हाथी का है और कांग्रेस का पंजे का है। इसी तरीके से जो तंजीम है, जो पार्टियां हैं उन सबके अलग-अलग है। मुसलमानों का कोई अलग से झंडा नहीं है।