जिला प्रशासन ने जुलाई के पहले सप्ताह हुई भारी बारिश से हुए नुकसान का सर्वे पूरा कर लिया है। इसे सर्वे से बाढ़ और जल भराव की विभीषिका सामने आई है। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बाढ़ से 64 हजार लोग प्रभावित हुए हैं जिनमें से अकेले 40 हजार लोग रघुराजनगर तहसील के हैं। इतना ही नहीं इस आपदा ने 14 हजार घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। अब जिला प्रशासन इस नुकसान के आधार पर जिले से मांग भेजने नुकसानी का आकलन तैयार कर रहा है।
राहत आयुक्त को जो जानकारी जिले से भेजी गई है उसके अनुसार बारिश की आपदा में जिले में 64063 लोग प्रभावित हुए जो प्रदेश में भोपाल जिले के बाद सर्वाधिक हैं। इससे हुई मौत का आंकड़ा अब दो व्यक्तियों तक पहुंच गया है। पूरी तरह से जमींदोज हो गये घरों की वास्तविक संख्या 611 तक पहुंच गई है। इन घरों में रहने वाले परिवारों के पास अब सर छुपाने तक की जगह नहीं बची है। 14771 घर भारी बारिश में आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिले की रिपोर्ट बताती है कि भारी बारिश में फंसे लोगों को बचाने के लिये जिला प्रशासन ने कुल 23 राहत कैम्प लगाए थे जिनमें 2535 लोगों को ठहराया गया था। इस आपदा के बाद 55 मवेशी लापता है। माना जा रहा है कि ये सभी बाढ़ में फंस कर मर गये।
बाढ़ की स्थितियों को गुजरे 10 दिन से ज्यादा होने को है लेकिन तहसीलदार स्तर पर लापरवाही होने के कारण अभी तक बाढ़ से हुई हानि के अनुरूप राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुरूप नुकसान की जानकारी तहसील स्तर से तैयार नहीं हो सकी है।
रघुराजनगर में सर्वाधिक नुकसान
बारिश से सर्वाधिक नुकसान रघुराजनगर तहसील में दर्ज किया गया है। यहां अकेले 40 हजार लोग प्रभावित माने गये हैं। तहसील में 364 घर पूरी तरह धराशायी हुए हैं तो 8373 आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। सर्वाधिक 26 जानवर यहां से लापता हुए हैं तो 14 जानवर उचेहरा तहसील में लापता दर्ज किये गये हैं। अमरपाटन में 10, बिरसिंहपुर में 2, कोटर में 3 मवेशी लापता बताए गये हैं। जनहानि में 1 रघुराजनगर और 1 कोटर में दर्ज की गई है। अभी माधवगढ़ में मकान ढहने से एक वृद्ध की मौत सामने आई थी लेकिन अभी सरकारी रिकार्ड में आपदा से मृत व्यक्ति में इसे शामिल नहीं
घरों को नुकसान एक नजर में