माता-पिता के नाम पर साढ़े तीन करोड़ की दौलत कर दी दान

माता-पिता के नाम पर साढ़े तीन करोड़ की दौलत कर दी दान

Sunil Vandewar | Publish: Jun, 22 2018 01:01:01 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

कृषि मंत्री ने किया दानदाता का सम्मान, हाइस्कूल का भूमिपूजन

सिवनी. बरघाट ब्लॉक अंतर्गत सिवनी-बालाघाट मार्ग पर ग्राम जेवनारा में गुरुवार को एक नागरिक द्वारा अपने स्वर्गीय माता-पिता की स्मृति में शिक्षा के लिए दान में दी गई दो एकड़ भूमि एवं भवन पर हाइस्कूल संचालित किए जाने नवनिर्माण का भूमिपूजन किया गया। इस मौके पर मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक सहित अन्य मौजूद रहे।
भूमि एवं भवन दानदाता अधिवक्ता महानंद राहंगडाले से शासन को दान में प्राप्त सुसज्जित शाला भवन का लोकार्पण व अतिरिक्त कक्ष निर्माण का भूमिपूजन कृषि मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। कृषि मंत्री बिसेन ने दानदाता राहंगडाले व उनके परिवार की सराहना कर कहा कि अपने गांव के बच्चों के भविष्य के लिए अपनी लगभग 3.5 करोड़ की संपत्ति अपने माता-पिता की याद में दान देना सच में दानवीर वाला कार्य है। यह समर्पण जेवनारा गांव के बालक-बालिका के शैक्षणिक विकास के साथ ही जिले के शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देगा। शासन द्वारा इस स्कूल का नाम दानदाता राहंगडाले की मंशा अनुसार उनके स्वर्गीय माता-पिता श्रीरामसिंह सीतादेवी शासकीय हाईस्कूल रखा जाएगा। उन्होंने निकट भविष्य में शाला प्रांगण में हायर सेकेण्डरी स्कूल बनाने व कृषि संकाय खोलने का विश्वास दिलाया है।
कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन की ओर से दानदाता को सम्मान पत्र व शाल श्रीफल से सम्मानित किया। इस अवसर में जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन, क्षेत्रीय विधायक कमल मर्सकोले, जिला पंचायत सदस्य गोमती ठाकुर, जनपद बरघाट अध्यक्ष सुनील तेकाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी व नागरिकों की उपस्थिति रही।

अंदर पत्नी की परीक्षा, बाहर पति की....

सिवनी. जिला मुख्यालय के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में गुरुवार को डीएलएड की परीक्षा हुई। इस परीक्षा में कुल दर्ज ४६८ में से ४६४ परीक्षार्थी उपस्थित हुए, शेष ४ की अनुपस्थिति दर्ज की गई।
परीक्षा केन्द्र के बाहर कुछ ऐसे भी लोग नजर आए जो छोटे-छोटे बच्चों के रोने पर दिलासा देकर चुप कराने का प्रयास कर रहे थे। पास जाकर पूछने पर बताया कि बच्चे की मां डीएलएड की परीक्षा दे रही है। ८ महीने की बिटिया मोनिका को लेकर बैठे बिहारीलाल डहेरिया ने बताया कि वह लखनादौन के सिमरिया से आए हैं। कृषि कार्य करते हैं, वह स्वयं १०वीं तक पढ़े हैं, लेकिन पत्नी राजेश्वरी डहेरिया को फाइनल तक पढ़ाने के बाद अब बिहारीलाल की इच्छा है कि वह शिक्षिका बने, इसीलिए डीएलएड की परीक्षा दिला रहे हैं। बिटिया के रोने पर कभी गोद में लेकर दुलारते हैं, तो कभी बिठाकर खिलौने देकर बहलाते हैं। इसी तरह एक शासकीय शिक्षक राजकुमार तेकाम भी अपने बेटे अनुज को लेकर केन्द्र के बाहर बैठे दिखे, जो पत्नी सावित्री को परीक्षा दिलाने आए थे। इस नजारे को देखने वाले लोग यही कह रहे थे, कि परीक्षा केन्द्र में पत्नी परीक्षा दे रही हैं और बाहर पति।

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