बेपटरी हुई चिकित्सा व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद जारी, कलेक्टर का जिलेभर में दौरा

जिले के सभी चिकित्सालयों व वैक्सीनेशन सेंटर का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

By: akhilesh thakur

Published: 04 May 2021, 09:19 AM IST

सिवनी. जिले में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़े मरीजों के बाद बेपटरी हुई जिले की स्वास्थ्य से संबंधित व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने की कवायद जारी है। कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग के निर्देशन में जिला अस्पताल में आक्सीजन बेड बढ़ाने सहित अन्य इंतजाम भी किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी चिकित्सालयों एवं वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण किया है। वहां संचालित सभी जरूरी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर उनको आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
कलेक्टर ने सोमवार को जिला चिकित्सालय के सभागार में चिकित्सकों एवं अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम एवं उपचार सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों से जिला चिकित्सालय में उपचाररत पॉजिटिव मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति, उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पार्थ जैसवाल, सिविल सर्जन विनोद कुमार नावकर सहित विभिन्न अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने चिकित्सालय का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। मरीजों के उपचार सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मरीजों के उपचार कैसे किए जा रहे हैं। इसे भी देखा। दवाओं और अन्य चीजों की जानकारी ली।


जिला अस्पताल सिवनी में बेड खाली फिर जमीन पर मरीज कैसे
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने करीब २५ दिवस के अंदर तीसरी बार जिला अस्पताल और स्वास्थ्य संबंधित मामले में कलेक्टर व सीएमएचओ से प्रतिवेदन मांगा है। इस बार आयोग के अध्यक्ष जमीन पर कोविड के मरीजों को करीब तीन से चार दिनों तक उपचार किए जाने के मामले को संज्ञान लिया है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल परिसर के 22 बेड क्षमता वाले कोविड 3 वार्ड के गलियारे में 3-4 मरीज जमीन पर उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल प्रशासन लगभग दो सप्ताह से इन्हें किसी वार्ड में पलंग मुहैया नहीं करा पा रहा है। इसके चलते ये जमीन पर ही पड़े हैं। कोविड ३ वार्ड में पहले से ही 20 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 12 सेन्ट्रल लाइन ऑक्सीजन सपोर्ट पर और 7 को ऑक्सीजन कॉंन्सेंट्रेटर मशीन लगाई गई थी। लेकिन वार्ड के ठीक बाहर जमीन पर लेटकर उपचार करा रहे मरीजों में से एक मरीज नूरसिंह का कहना था कि ऐसे बुरे हालातों में उसे अस्पताल में रखा गया है। इसके लिए यही बहुत है। इस मामले में आयोग ने कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से एक सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। आयोग की लगातार इस तरह के मामले को संज्ञान में लिए जाने से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है।


112 मरीज स्वस्थ हुए, 108 नए मरीज मिलें, 868 एक्टिव केस
जिले के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के सकारात्मक प्रयास से कोरोना पॉजीटिव मरीज लगातार स्वस्थ हो रहे हैं। जिले में एक्टिव केस की संख्या लगतार घट रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केसी मेश्राम से प्राप्त जानकारी अनुसार तीन मई को कुल 112 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ हुए हैं, वही 108 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज विगत दिवस प्राप्त रिपोर्ट में पाए गए हैं।
बताया कि अब तक जिले में कुल 92097 संदिग्ध व्यक्तियों के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इसमें से 5328 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इनमें से 4439 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में कोरोना के 868 एक्टिव केस हैं तथा 784 मरीज होंम क्वॉरंटीन हैं। इनकी मॉनिटरिंग कोविड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से की जा रहीं है।

akhilesh thakur Bureau Incharge
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