script Education : यहां पानी वाली सब्जी व चावल खिलाकर बच्चों को प्रदान किया जा रहा पोषण | Here children are being provided nutrition by feeding them vegetables | Patrika News

Education : यहां पानी वाली सब्जी व चावल खिलाकर बच्चों को प्रदान किया जा रहा पोषण

locationसिवनीPublished: Feb 05, 2024 10:29:08 pm

Submitted by:

akhilesh thakur

- 148 बच्चों के लिए पांच किग्रा आलू-टमाटर की सब्जी, थाली से दाल गायब
- मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर खड़े हुए सवाल

Education : यहां पानी वाली सब्जी व चावल खिलाकर बच्चों को प्रदान किया जा रहा पोषण
Education : यहां पानी वाली सब्जी व चावल खिलाकर बच्चों को प्रदान किया जा रहा पोषण
सिवनी/उगली. जिला प्रशासन इन दिनों पानी वाली सब्जी व चावल खिलाकर बच्चों को पोषण प्रदान कर रहा है। यह बात उगली क्षेत्र के एक स्कूल के एमडीएम की थाली को देखकर कहा जा रहा है। बच्चों की थाली में दाल तो नजर नहीं आ रहा, लेकिन सब्जी के नाम पर थाली में पानी व मसाले की रंगत दिख रही है। ऐसे में मिड-डे-मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि उगली क्षेत्र के झित्तर्रा के शासकीय स्कूल में 148 बच्चों पर केवल पांच किलोग्राम आलू-टमाटर की सब्जी बनाई गई थी। उनके थाली से दाल गायब थी। पानी वाली सब्जी और चावल खाकर बच्चे सरकार के पौष्टिक भोजन का लाभ ले रहे थे। अब इस भोजन से उनको कितनी पोषण मिल रहा है। इस बारे मे बताने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में उक्त स्कूल के प्रभारी प्राचार्य एवं शिक्षक से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन लोगों ने चुप्पी साध ली। उनका कोई जवाब नहीं आया। जन शिक्षक ओमकार गोदुड़े ने बताया कि एमडीएम आ रही शिकायतों की जांच कराकर इसमें सुधार किया जाएगा। जिला एमडीएम प्रभारी अमृता चौधरी ने बताया कि एमडीएम में गड़बड़ी की शिकायत जहां से आएगी उसकी जांच कराएंगे। जांच में जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक कसावट की निकल रही हवा
खास है कि जिले में एमडीएम के गुणवत्ता की यह स्थिति तब है जब सरकार इस पर लाखों रुपए खर्च कर रही है। कलेक्टर क्षितिज सिंघल इन दिनों गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ पवार नवजीवन विजय का हंटर पंचायत के कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ चल रहा है। जिला पंचायत सीइओ की यह कार्रवाई जिले में नए रिकॉर्ड कायम कर रही है, जो लंबे समय तक याद भी की जाएगी। साथ ही प्रशासनिक महकमे में मुख्यमंत्री के आगामी दिनों में तय होने वाले कार्यक्रम की सुगबुगाहट भी तेजी से चल रही है। इसको लेकर जिले में इनदिनों प्रशासनिक कसावट बनी हुई है। ऐसे समय में जब यह स्थिति है तो सामान्य दिनों में क्या होगी? इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

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