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खेतों से बस्तियों तक दिख रहे बर्बादी के हालात

-जिले में हुई बारिश थमने के बाद भी कम नहीं हुई दिक्कतें
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सिवनी

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Sunil Vandewar

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Updated: 25 Jul 2024, 6:37 PM IST

ध्वस्त मकान के हालात देखते ग्रामीण।

ध्वस्त मकान के हालात देखते ग्रामीण।

सिवनी. जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश अब थम चुकी है। लेकिन बारिश के कारण जो हालात बने, उसके कारण खड़ी हुई दिक्कतें अब भी दूर नहीं हुई हैं। लोगों के मकान गिर गए हैं। स्कूल आंगनबाड़ी में अब भी रहना पड़ रहा है। खेतों में लगी सैकड़ों एकड़ मक्का और दूसरी फसलें चौपट हो गई हैं। किसान अब मायूस होकर सिर्फ खेतों की ओर देख रहे हैं। उनको फसल से कोई भी पैदावार मिलने की उम्मीद नहीं रह गई है। बारिश के कारण कई गांव की सडक़ें और पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आना-जाना मुश्किल हो रहा है। बिजली के खम्भे गिरने से बिजली गुल है। अब प्रशासन की ओर किसान मदद की उम्मीद लगा रहे हैं।


सडक़ और पुलिया बही, मुश्किल हुआ सफर-
जनपद पंचायत घंसौर के ग्राम पंचायत शिकारा क्षेत्र में दो दिन तक हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। लगातार हो रही बारिश से ग्राम शिकारा से बंजारी मार्ग पर टैमर नदी का पुल 72 घंटे तक उफान पर रहा, जिससे दो दिन शिकारा-बंजारी मार्ग अवरुद्ध रहा। जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। शिकारा से जिला मुख्यालय को जोडऩे वाला यह एकमात्र मार्ग है, जो कि 30 गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। इसके अलावा शिकारा से परडिया मार्ग भी बारिश की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना से बनी इस सडक़ की पुलिया उधड़ गई है। मुख्य मार्ग के पुल पर से पूरा कांक्रीट बह गया है, जिससे आवागमन वाधित हो गया है। इसके अलावा ग्राम परडिया के आठ खंबे जमींदोज हो गए हैं। बहुत से किसानों की फसल बह गई है। शिकारा, परडिया के क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना ग्राम पैराडिया ग्राम शिकारा के पुल और पुलिया बहने के मामले में गुणवत्ता पर सवाल उठाते जांच की मांग की है। साथ ही बताया कि सडक़ की गारंटी पूर्ण हुए तीन महीने बीत चुके हैं।


बांध के हालात देखने पहुंचे एसडीएम, तहसीलदार -

जिले के सबसे बड़े बांध संजय सरोवर भीमगढ़ में पिछले दिनों हुई अधिक बारिश के बाद वैनगंगा में उफान आने से क्षमता से अधिक पानी पहुंच गया। तब सात गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। इसके बाद लखनादौन एसडीएम हिमांशु जैन, छपारा तहसीलदार नितिन चौधरी ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ भीमगढ़ संजय सरोवर बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने बांध से छोड़े जा रहे पानी के बारे में जानकारी ली। बांध के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने इस दौरान निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति का भी जायजा लिया। मंगलवार की सुबह सात गेट खोलकर 70 हजार क्यूसेक प्रति सेकंड पानी छोड़ गया। जिसके चलते निचले इलाकों में कई जगह जल भराव की स्थिति बन गई।

अतिवृष्टि से गिरे आधा सैकड़ा मकान, फसलें हुई चौपट -

जिले में लगातार बारिश से कान्हीवाड़ा क्षेत्र के ग्राम कन्हान एवं पिंडरई में अतिवृष्टि एवं छोटे नदी नालों में आए उफान के चलते ग्राम वासियों को हुई क्षति को देखने भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे गांव पहुंचे और पीडि़तों से मिलकर उनका हाल जाना गया। मौके पर मौजूद भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्रीराम ठाकुर ने बताया कि भारी वर्षा के चलते ग्राम कन्हान पिपरिया के 50 परिवारों के मकान या तो ध्वस्त हो गए हैं या क्षतिग्रस्त एवं जर्जर हो गए हैं। इसी तरह ग्राम पिंडरई के छह परिवारों के आवासों को भी क्षति पहुंची है। साथ ही एक दीवार गिरने से कई पशु घायल हो गए हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष ने तत्काल कलेक्टर एवं एसडीएम से चर्चा कर लोगों के भोजन एवं राशन की व्यवस्था करवाई। साथ ही मकान के ध्वस्त अथवा क्षतिग्रस्त होने के कारण उनके रहने की वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कराई गई। विद्युत व्यवस्था भंग होने के चलते बिजली विभाग को तत्काल बिजली शुरू करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही पशुओं के लिए चारा एवं घायल पशुओं की चिकित्सा के लिए चलित पशु चिकित्सा वाहन को बुलाया जाकर चोटिल पशुओं के उपचार की व्यवस्था की गई। ग्राम पिंडरई में 40 ग्रामीण जिनमें अधिकांश बच्चे थे वे बुरी तरह बाढ़ के पानी की बीच फंस गए थे, इनके रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की टीम को सूचना देकर बुलवाया तथा सभी को सुरक्षित निकाला गया। किसानों को आश्वासन दिया है कि जो भी फसलें क्षतिग्रस्त हुई है, उनका सर्वे करवाकर शीघ्र मुआवजे की व्यवस्था कराई जाएगी।