एक बार हुए बेहोश, फिर चढ़ गए
संघ के तत्कालीन जिला प्रमुख नवल सिंह धायल ने बताया कि उनकी टीम कारसेवकों को सिर्फ सांकेतिक कार सेवा करवाने के लिए संघर्ष कर रही थी। पर मगन सिंह सहित हजारों लोग नहीं मान रहे थे। इस बीच मगन सिंह एकबारगी बेहोश भी हो गए। कुछ देर बाद होश आया तो वे नहीं रुके और सब कारसेवकों में आगे होकर सबसे पहले ढांचे के बीच वाले मुख्य गुंबद पर चढ़ गए। मगन सिंह के सबसे पहले गुंबद पर पहुंचने के दावे का समर्थन कार सेवक शंकर भारती, सुरेंद्र सिंह कोलिड़ा सहित अन्य कार सेवकों ने भी की है।