
- शहरवासियों का वेस्टेज पानी बनेगा खेती के लिए उपयोगी
श्रीगंगानगर। अगले तीन माह में सब कुछ ठीक रहा तो बीस हजार घरों के सीवर कनैक्शन होंगे। इन घरों में शौचालय की गंदगी सीधी गुरुनानक बस्ती में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में आएगी। एसटीपी में बनाए गए अलग अलग सिस्टम से सीवर का पानी रिसाइकिल हो सकेगा। इस पानी को खेती के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा। तकनीकी अधिकारियों की माने तो यह रिसाइकिल हुआ पानी खेती के लिहाज से सबसे उत्तम है। इसमें खाद, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन जैसे तत्व शामिल हो सकेंगे। यह पानी रिसाइकिल होने के उपरांत महंगी दरों पर बिकेगा। शहर के आसपास के खेतों में अब तक इस पानी को सीधा इस्तेमाल किए जाने से कई बीमारियां होने का खतरा बना रहता है लेकिन इस साफ किए गए पानी से पैदावार अधिक होगी और बीमारियों को अधिकांश हद तक रोका जा सकेगा। एसएन एन्वायरो कंपनी के तकनीकी अधिकारी सुरेन्द्र सिंह का कहना था कि चूरू में सीवर पानी को रिसाइकिल करने से कई लोग चूरू के रेतीले धोरों में गेहूं, जौ, सरसों जैसी फसल की बुवाई करने लगे है। वहां खेत अब फसलों से लहराने लगे है।
गुरुनानक बस्ती के एसटीपी के रिसाइकिल पानी की प्रक्रिया की टेस्टिंग हुई है। इस एसटीपी में 15 एमएलडी यानि 150 लाख लीटर पानी की क्षमता हैं। इसके लिए बकायदा भंडारण के अलावा रिसाइकिल करने की अत्याधुनिक मशीनों को स्थापित किया गया है। रिसाइकिल का एक स्पेयर पार्टस की खरीद किया जाना बाकी है, नब्बे फीसदी यह एसटीपी तैयार है। पांच दिन पहले एसटीपी की ठेका कंपनी एसएन एन्वायरो कंपनी के तकनीकी अधिकारियों की टीम ने आरयूआइडीपी, एलएंडटी, नगर परिषद और नगर विकास न्यास के अभियंताओं की मौजूदगी में इस एसटीपी के संचालन का डेमो करके दिखाया है।
इस एसटीपी का निर्माण ठेका कंपनी एसएन एन्वायरो कंपनी ने कराया था। इस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सीएन दत्ता ने बताया कि सूरतगढ़ बाइपास पर दस एमएलडी और गुरुनानक बस्ती के 15 एमएलडी पानी क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण वर्ष 2013 में शुरू किया गया था। इसके अलावा पुरानी आबादी में इदगाह के पास भी एसटीपी बनाना था लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति देने से इंकार कर दिया। इस कारण वहां यह प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ना पड़ा। एसटीपी के निर्माण पर करीब 60 करोड़ रुपए की बजट अनुमानित था। टैंडर होने के बाद यह निर्माण किया गया। लेकिन यूआइटी की ओर से 60 में से 45 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। पिछले दस सालों में इन एसटीपी के रखरखाव का कार्य भी किया जा रहा है। इस रखरखाव के एवज के बजट करीब 85 लाख रुपए के मुकाबले न्यास प्रशासन ने 55 लाख रुपए का भुगतान किया है। शेष राशि के लिए रोजाना पत्र व्यवहार किया जा रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने दावा किया कि हर महीने बिल बारह से साढ़े बारह लाख रुपए का औसतन बनता है, इसमें से साढ़े आठ से लेकर नौ लाख रुपए हर महीने बिजली बिलों पर खर्च हो रहे है। ऐसे में स्टाफ के वेतन संबंधित समस्या खड़ी हो गई है।
आरयूआईडीपी के एईएन मनीष बिश्नोई ने बताया कि एसएसबी रोड पर सत्यमनगर से लेकर चक 3 ई छोटी क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, साधु कॉलोनी, रामलाल कॉलोनी, शिव कॉलोनी, भूप कॉलोनी, अशोकनगर ए, अशोकनगर बी, हाउसिंग बोर्ड, दुर्गा विहार, इंदिरा कॉलेानी, बापूनगर, इंदिरा चौक, एन ब्लॉक, जे ब्लॉक, के ब्लॉक, डी ब्लॉक, सी ब्लॉक, बी ब्लॉक, रवीन्द्र पथ एरिया, पूरा बाजार क्षेत्र, कोडा चौक एरिया, लक्कड़मंडी रोड क्षेत्र एरिया, इंडस्ट्रीयल एरिया, पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर आवास क्षेत्र रोड एरिया, एच ब्लॉक एरिया, सुखाडि़या शॉपिंग सैंटर, सुखाडि़यानगर, कस्टम कॉलोनी, अग्रसेननगर प्रथम, द्वितीय और इंडस्ट्रीज एरिया के करीब बीस हजार घरों के सीवर कनैक्शन होंगे। फिलहाल मास्टर कॉलोनी के पचास घरों के कनैकशन किए जा चुके है।
Updated on:
29 Apr 2024 11:42 pm
Published on:
29 Apr 2024 11:41 pm

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