सैकड़ों वनवासियों ने दी आहुतियां

दक्षिण गुजरात के वनवासी बंधुओं को मुख्यधारा में जोडऩे का प्रयास

सूरत. दक्षिण गुजरात के डांग व वलसाड जिले में सह्याद्री पर्वतमाला के अंचल में बसे वनवासियों को सनातन धर्म की मुख्यधारा से जोड़े रखने के उद्देश्य से क्षेत्र के त्रयोदश ज्योतिर्लिंग तीर्थ, श्रीसिद्ध क्षेत्र बरुमाल में महाशिवरात्रि के मौके पर श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ व शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया है। पांच दिवसीय महायज्ञ में क्षेत्र के सैकड़ों वनवासियों ने यज्ञवेदी में आहुतियां दी।
दक्षिण गुजरात के वनवासी बहुल वलसाड जिले में श्रीसद्गुरुदेव स्वामी अखंडानंद मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शत कुंडात्मक श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ व पंच दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का आयोजन त्रयोदश ज्योतिर्लिंग तीर्थ, श्रीसिद्ध क्षेत्र बरुमाल में स्वामी विद्यानंद सरस्वती समेत अन्य कई संतवृंद के सानिध्य में शत कुंडात्मक श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ व पंच दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया है। ट्रस्ट व आयोजक परिवार के रामप्रकाश रुंगटा ने बताया कि पांच दिवसीय श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति रविवार दोपहर में सामूहिक श्रीफल होम के साथ की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में वनवासी व अन्य श्रद्धालु मौजूद थे। महायज्ञ के दौरान वनवासी यजमानों ने नियमित सुबह-शाम दो सत्र में विभिन्न मंत्रों के साथ आहुतियां दी। महायज्ञ व महोत्सव के संदर्भ में स्वामी विद्यानंद सरस्वती ने बताया कि सम्पूर्ण आयोजन क्षेत्र के वनवासी बंधुओं को सनातन धर्म की मुख्यधारा से जोड़े रखने के उद्देश्य से किया गया है। आयोजन के दौरान सूरत समेत दक्षिण गुजरात व महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक, पुणे से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पांच दिवसीय महायज्ञ की पूर्णाहुति रविवार को हो गई और सोमवार से महाशिवरात्रि तक शिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा।

maha shivratri
Dinesh Bhardwaj Reporting
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