scriptInterview of Udaipur Collector Arvind Poswal | उदयपुर के इको सेंसेटिव जोन में नई कॉलोनियों पर लगा प्रतिबंध | Patrika News

उदयपुर के इको सेंसेटिव जोन में नई कॉलोनियों पर लगा प्रतिबंध

locationउदयपुरPublished: Feb 12, 2024 11:45:48 am

राजस्थान पत्रिका कार्यालय पहुंचे उदयपुर कलक्टर अरविंद पोसवाल ने जनता से जुड़े सवालों पर दिए जवाब

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अभिषेक श्रीवास्तव
उदयपुर.
तमाम सवाल ऐसे होते हैं, जिनका जवाब आम लोग अक्सर खोजते नजर आते हैं। कुछ ऐसे ही सवालों से रू-ब-रू हुए कलक्टर अरविंद पोसवाल। वे शनिवार को पत्रिका टी-टॉक में बतौर गेस्ट मौजूद थे। राजस्थान पत्रिका कार्यालय में अभिषेक श्रीवास्तव से हुई बातचीत में उन्होंने पहाड़, झील, यातायात प्रबंधन, पर्यटन और रोजगार समेत तमाम विषयों पर सवालों का जवाब दिया। पेश है बातचीत के कुछ अंश...
arvind_poswal_1.jpgQ-उदयपुर की पहचान ही अरावली है, इसे तेजी से काटा जा रहा है?
A-अरावली को बचाना बेहद जरूरी है। आभार राजस्थान पत्रिका का जो खबरों के माध्यम से लगातार हमें आगाह करता है। कई बार मौके पर जाकर देखा तो स्थिति गंभीर मिली। खान विभाग से कार्रवाई कराई। किसी पहाड़ को 90 डिग्री पर नहीं काटा जा सकता। पहले इको सेंसेटिव जोन में कॉलोनियों के आवेदन लगते थे। इस पर अब रोक लगा दी है। मॉनिटरिंग कमेटी में आवासीय प्लान निरस्त कर रहे हैं। मूल घर बनाना और कॉलोनी काटना अलग बात है। आधार, वोटर कार्ड दो तो घर की परमिशन देंगे। लोगों को जागरूक होना होगा।
Q-अनियोजित कॉलोनियों की बाढ़ आ गई है, रेरा से अप्रूवल भी नहीं ले रहे हैं?
A-जब अनप्लांड काम होता है, तब सीवरेज, पानी, सड़क की समस्या आती है। उदयपुर के मूल निवासियों की कम और इनवेस्ट के लिए ज्यादा कॉलोनियां कट रही हैं। शहर की जरूरत के अनुसार विकास हो तो पर्यावरण को बचा सकते हैं। इसे दिखवा रहे हैं। नियमों के विरुद्ध जो कार्य करेंगे, उनपर कार्रवाई होगी।
Q-झीलें उदयपुर की लाइफ लाइन है, पिछोला में डीजल-पेट्रोल की नावों का संचालन हो रहा है?

A-पिछोला सिंगल स्पॉट है, जहां डेस्टिनेशन वेडिंग होती है। यह पर्यटन से सीधा जुड़ा है। झील संरक्षण समिति की बैठक में बात रखेंगे कि होटल संचालक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड काम में लें, इसके लिए विकसित देशों में कैसे काम हो रहा है, उसका मानक देखेंगे। उसे यहां के होटल संचालकों को देंगे, ताकि झील को नुकसान नहीं पहुंचे। इसके अलावा नगर निगम ने इको फ्रेंडली के लिए इलेक्ट्रिक का टेंडर कर रखा है। जब तक इलेक्ट्रिक बोट नहीं आती, तब तक डीजल-पेट्रोल की नावें चला रहे हैं।

Q-उदयपुर में पहले 42 तालाब थे, अब सात से आठ ही हैं?
A-निश्चित तौर पर यह गंभीर है। हम तालाबों के संरक्षण के लिए प्रयास कर रहे हैं। हमने आसपास के तालाबों को सूचीबद्ध किया है। यूडीए के दायरे में आने वाले तालाबों का सर्वे कर रहे हैं। जोगी तालाब पर रिंग रोड का प्रस्ताव बनाया गया है। रिंग रोड बन जाए तो बाउंड्री तय हो जाएगी। उदयसागर में भी रिंग रोड का प्रस्ताव है। साथ ही तालाब पेटे में जो भी भराव डाल रहे हैं, उन पर कार्रवाई कर रहे हैं।

Q-झीलों पर प्रवासी पक्षियों की कमी चिंता का विषय है?
A- झीलों में मछलियों का ठेका देने के कारण ऐसा हुआ है। झील कंजरवेशन की अगली बैठक में यह बात रखेंगे। पानी की आवक वाली जगहों को प्रभावित नहीं होने देंगे। थोड़े से लाभ के लिए पारस्थितिकी तंत्र कमजोर नहीं होने देंगे।
Q-उदयपुर में तेजी से भूमाफिया बढ़ रहे हैं, धोखाधड़ी के केस भी बढ़े हैं?
A-राजस्थान पत्रिका ने इस ओर ध्यान दिलाया है। भूमाफिया की सूची बनाई जा सकती है। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा जो धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त हैं। कई लोग फर्जी रजिस्ट्री करवा रहे हैं। ऐसे भी केस सामने आए हैं, जिसमें डेवलपर्स ने गलत आधार कार्ड डालकर रजिस्ट्री करवा ली। फर्जीवाड़े के ज्यादातर केस जमीन से जुड़े हुए हैं। इस पर रोक लगाने के लिए प्रयासरत हैं।

Q-उदयपुर तेजी बढ़ता पर्यटन शहर है, फिर भी सुविधाएं कम हैं?
A-पर्यटकों की सुविधाओं के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश है कि प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क बना दी जाए। सड़कों पर साइनेज लगाकर उदयपुर के बारे में बताया जाए।
Q-शहर में यातायात व्यवस्था अकसर ध्वस्त नजर आती है?
A- पुराना शहर, गुलाब बाग, फतहसागर में अकसर जाम लग जाता है। नए पार्किंग पॉइंट देखेंगे। सड़कें चौड़ी हो रही हैं। एलिवेटेड के लिए भी प्रयास तेज हुए हैं। पुराने शहर को नो व्हीकल जोन में बदलने की बात भी है। स्थानीय को पास और बाकी को ई-रिक्शा।
Q-व्यस्त समय में परिवार के साथ तालमेल कैसे बैठाते हैं?
A- काम की व्यस्तता में परिवार को समय नहीं दे पाता हूं। पत्नी एमडी गायनिक हैं। उनके सपोर्ट से ही काम हो पा रहा है। परिवार को रविवार को कुछ समय देने का प्रयास रहता है।
यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को कलक्टर ने दी टिप्स, कहा किताबों के साथ पढ़िए अखबार
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी कलक्टर अरविंद पोसवाल ने युवाओं को टिप्स दी है। यूपीएससी अथवा कोई भी प्रतियोगी परीक्षा क्लियर करने के लिए सही दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। किसी तरह की किताबें पढ़ें, एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से तैयारी कैसे करें, इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यूपीएससी और आरपीएससी एग्जाम को लेकर अच्छी किताबें बाजार में उपलब्ध हैं। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए स्किल बढ़ाने की जरूरत है। ये याद रखें कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। किताबों के साथ ही अखबार का पढ़ना बेहद जरूरी है।
  • बोले- कॅरियर काउंसलिंग के लिए कोचिंग संचालकों से की बात
    आदिवासी क्षेत्र में के लिए यूनिवर्सिटी और कोचिंग संचालकों से बात हुई। कॅरियर काउंसलिंग प्रोग्राम करवाएंगे। युवाओं को गाइडेंस देंगे।

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