
पांचवी बोर्ड परीक्षा को शुरुआती दौर में ही प्रयोगशाला बना दिया गया है। परीक्षा को लेकर नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं। हाल ही एसआईईआरटी ने प्रदेशभर में सभी डाइट्स के माध्यम से एक मौखिक आदेश निकाला है कि अब बच्चे पांचवीं बोर्ड की परीक्षा पैन से देंगे। प्रदेश के करीब 8 लाख बच्चों को परीक्षा से तीन दिन पहले इसकी जानकारी दी गई है।
गौरतलब है कि पांचवी बोर्ड परीक्षा (जिला स्तरीय प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन 2017) सरकार ने इस साल से ही शुरू की है। परीक्षा 8 से 13 अप्रेल तक होनी है। अभी तक सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले पांचवीं कक्षा तक के बच्चे पेंसिल का ही प्रयोग कर रहे थे। पेन का इस्तेमाल करने की मनाही थी। उदयपुर जिले में इस परीक्षा के लिए करीब 2500 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। 45 हजार से अधिक बच्चे उदयपुर में यह परीक्षा देंगे। जिसमें सरकारी और निजी स्कूलों के अलावा मदरसों के बच्चे भी शामिल हैं।
सत्र के आरंभ में सभी विद्यालयों को पाबंद किया था कि सभी लिखित कार्य बच्चों से पेंसिल से कराया जाए। अब बोर्ड परीक्षा में पेन से उत्तर लिखवाने के मौखिक आदेश मिले हैं। इससे विद्यार्थियों को लिखित कार्य करने की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
शेर सिंह चौहान, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज शिक्षक संघ
छोटे बच्चे लर्निंग बाई प्रेक्टिस के सिद्धांत पर कार्य करते हैं, जिससे इन्हें पेंसिल ही दी जाती है। पेन से पेपर कराना इनके बाल मनोविज्ञान के विपरीत होगा। स्कूलों को डाइट्स से मौखिक आदेश मिले हैं कि पेन से परीक्षा कराई जाए। इससे परिणाम भी प्रभावित हो सकता है।
विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
पत्रिका ने मुद्दा उठाया तो रात को दिया पेन/ पेंसिल का ऑप्शन
पत्रिका ने इस मामले में विभाग की निदेशक से बात की तो उन्होंने इस मामले को समझा और विद्यार्थी हितों को देखते हुए शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव से बात कर देर रात निर्णय किया कि अब बच्चे पेन या पेंसिल किसी से भी परीक्षा दे सकेंगे।
दिया पेन/पेंसिल का ऑप्शन
& बच्चों की सुविधानुसार वे पेन/पेंसिल से परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड परीक्षा पेन से ही दी जाती है, लेकिन यह परीक्षा पहली बार हो रही है, इसलिए बच्चों को पेन/पेंसिल का ऑपशन देने को बोल दिया है।
रुकमणी रियार, निदेशक, एसआईईआरटी
यह माना जा रहा कारण
एसआईईआरटी और डाइट्स के अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कुछेक शिक्षकों का कहना था कि परिणाम खराब नहीं हो इसके लिए वे पेंसिल से बच्चों की कॉपियों में प्रश्नों के गलत जवाबों को सही कर देंगे। उसके बाद ही एसआईईआरटी ने पेंसिल की बजाय पेन से परीक्षा दिलवाने का कदम उठाया।
Published on:
07 Apr 2017 12:43 pm
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